केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोग के गठन के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़ी कई अहम मांगें रखी हैं।
फिटमेंट फैक्टर 3.0 करने की मांग
यूनियन ने अपनी मांगों में सबसे प्रमुख रूप से फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 3.0 करने की बात कही है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी को नए वेतन ढांचे में बदला जाता है। अगर इसे 3.0 किया जाता है तो कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

फैमिली यूनिट बढ़ाने का सुझाव
यूनियन ने वेतन तय करने में इस्तेमाल होने वाली फैमिली यूनिट को भी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। अभी इसे तीन सदस्यों के आधार पर माना जाता है, लेकिन इसे पांच सदस्यीय करने की मांग की गई है, जिसमें माता-पिता को भी शामिल करने की बात कही गई है।
सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल 3 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट मिलता है। यूनियन का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर कम से कम 6 प्रतिशत किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की आय में वास्तविक बढ़ोतरी हो सके।
OPS बहाली पर जोर
पेंशन को लेकर भी कर्मचारियों की बड़ी मांग सामने आई है। यूनियन ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि पेंशन कर्मचारियों की स्थगित सैलरी होती है और इसे सुनिश्चित होना चाहिए।
रिटायरमेंट लाभ बढ़ाने का प्रस्ताव
इसके अलावा कर्मचारियों को मिलने वाले लीव एनकैशमेंट की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 450 दिन करने की मांग की गई है। साथ ही पेंशन कम्यूटेशन की अवधि 15 साल से घटाकर करीब 11 से 12 साल करने का सुझाव भी दिया गया है।
रोजगार और सुविधाओं पर भी मांग
यूनियन ने सरकार से कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने और केंद्र सरकार में खाली पड़े करीब 15 लाख पदों को नियमित भर्ती के जरिए भरने की मांग की है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए बेहतर मेडिकल सुविधा, जोखिम भत्ता बढ़ाने और अन्य सामाजिक सुविधाएं देने की भी बात कही गई है।
अब आयोग की सिफारिशों का इंतजार
अब इन सभी मांगों पर 8वां वेतन आयोग विचार करेगा और अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को देगा। इसके बाद ही यह साफ होगा कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन, भत्तों और पेंशन में कितना फायदा मिल सकता है।

