छतरपुर, मध्य प्रदेश: मंगलवार देर रात छतरपुर जिले के बस स्टैंड नंबर 2 में शॉर्ट सर्किट के कारण 9 दुकानों में भीषण आग लग गई। आग की इस घटना में दुकानों का करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना के बाद स्थानीय विधायक ललिता यादव ने पीड़ित दुकानदारों को सहायता देने की घोषणा की है।
आग पर काबू पाने में 5 फायर ब्रिगेड की टीम को लगे 3 घंटे
घटना की सूचना मिलते ही छतरपुर, बिजावर, महाराजपुर, गढ़ी मलहरा और नौगांव से कुल पांच फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची। फायरफाइटर्स ने जेसीबी मशीन की मदद से दुकानों के शटर तोड़े और आग बुझाने की कोशिश की। आग पर सुबह 3:45 बजे पूरी तरह से काबू पाया जा सका।
ट्रांसफार्मर से शॉर्ट सर्किट, दुकानदार ने किया खुलासा
सीताराम लखेरा, एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान के पास ट्रांसफॉर्मर था, जिससे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग फैलने के बाद स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।

नगरपालिका की लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद, स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने नगरपालिका पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि छतरपुर नगर पालिका के पास तीन बड़ी फायर ब्रिगेड मशीनें थीं, लेकिन सभी खराब पड़ी थीं। इससे आग बुझाने में देरी हुई और नुकसान बढ़ गया। अगर बड़ी मशीनें कार्यशील होतीं, तो आग को जल्दी बुझाया जा सकता था और नुकसान कम हो सकता था।
विधायक ललिता यादव ने की सहायता की घोषणा
घटना की जानकारी मिलने के बाद, बीजेपी विधायक ललिता यादव सुबह पीड़ित दुकानदारों से मिलने मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्वेच्छानिधि से प्रत्येक दुकानदार को ₹25,000 की सहायता देने की घोषणा की। विधायक ने प्रशासन से मदद का आश्वासन भी दिया। इस दौरान नगरपालिका सीएमओ माधुरी शर्मा भी उनके साथ मौजूद थीं। हालांकि, जब मीडिया ने उनसे टिप्पणी करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
सीएसपी का बयान: “नुकसान का आकलन जांच के बाद होगा”
सीएसपी अमन मिश्रा ने बताया कि घटना की सूचना 2:15 बजे प्राप्त हुई थी। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन जांच के बाद किया जाएगा।
यह घटना छतरपुर नगर पालिका की लापरवाही और सही संसाधनों के अभाव को दर्शाती है। आग बुझाने के लिए सही उपकरणों की कमी के कारण बड़ा नुकसान हुआ। विधायक ललिता यादव ने पीड़ित दुकानदारों को तत्काल सहायता देने का वादा किया है, लेकिन पूरी घटना की जांच और सुधार के कदम उठाने की जरूरत है।

