भोपाल

MP: कर्मश्री संस्था द्वारा हिंदू नव वर्ष पर कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन

राजधानी भोपाल में इस साल भी ‘‘कर्मश्री’’ संस्था द्वारा आयोजित किया जाने वाला अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हिंदू नववर्ष के उत्सव का मुख्य आकर्षण होगा। 29 मार्च को अटल पथ पर स्थित प्लैटिनम प्लाजा माता मंदिर, तात्या टोपे नगर में रात 8 बजे से आयोजित होने वाला यह भव्य आयोजन 25वें साल में प्रवेश कर रहा है।
भोपाल में 29 मार्च को जुटेंगे देशभर के कवि, अटल पथ पर होगा भव्य कवि सम्मेलन

भोपाल में 29 मार्च को गुड़ी पड़वा पर देशभर के कवि जुटेंगे। वे देर रात तक कविता का पाठ करेंगे। ‘कर्मश्री’ संस्था के बैनर तले अटल पथ पर 25वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा। इसमें महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगजनों के लिए बैठने की व्यवस्था अलग-अलग रहेगी।

कर्मश्री संस्था के अध्यक्ष और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अभा कवि सम्मेलन का यह लगातार (कोरोना काल को छोड़कर) 25वां वर्ष है।

आयोजन की मुख्य जानकारी

  • दिनांक: 29 मार्च, शनिवार
  • समय: रात 8 बजे
  • स्थान: अटल पथ, प्लैटिनम प्लाजा माता मंदिर, तात्या टोपे नगर, भोपाल

कर्मश्री द्वारा आयोजित 25वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में “कर्मश्री” संस्था द्वारा इस वर्ष भी भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित होता है, जिसमें इस बार 25वां वर्ष है। इस कवि सम्मेलन का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, पर्यावरण और समाजिक जागरूकता का प्रसार करना है।

कवि सम्मेलन में शामिल होंगे ये ख्यातनाम कवि:

  • शशिकांत यादव शशि (सबरस संचालन) देवास
  • पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी (हास्य सम्राट) नई दिल्ली
  • पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे (हास्य व्यंग्य) रायपुर
  • कविता तिवारी (वीर रस) लखनऊ
  • डॉ. अनिल चौबे (हास्य व्यंग्य) वाराणसी
  • सुदीप भोला (पैरोडी कार) जबलपुर
  • गौरी मिश्रा (गीत ग़ज़ल) उत्तराखंड
  • अमन अक्षर (फिल्मी गीतकार) इंदौर
  • विकास बौखल (हास्य व्यंग्य) बाराबंकी
  • श्वेता सिंह (गीत ग़ज़ल) बड़ौदरा
  • मुकेश मासूम (हास्य पैरोडी) खातेगांव

इस वर्ष 30,000 से अधिक श्रोताओं के शामिल होने की संभावना है, जिसमें विशेष व्यवस्था महिलाओं, बुजुर्गों और निःशक्तजनों के लिए की गई है।

नववर्ष के स्वागत का ऐतिहासिक महत्व:

“कर्मश्री” के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने बताया कि हिंदू नववर्ष का यह दिन भारतीय संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन से प्राकृतिक और सांस्कृतिक बदलाव की शुरुआत होती है। भारतीय पंचांग के अनुसार यह नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, जिसे पूरे देश में विभिन्न नामों से मनाया जाता है। यह दिवस सृष्टि के निर्माण का प्रतीक है और शक्ति की पूजा के लिए “नवरात्र” का आरंभ भी इसी दिन से होता है।

“कर्मश्री” द्वारा नववर्ष उत्सव का उद्देश्य:

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह आयोजन हमारी गौरवशाली संस्कृति और सभ्यता को जागरूक करने का माध्यम है। इस आयोजन के माध्यम से हम हिंदू समाज को एकजुट कर नववर्ष का उत्सव मनाते हैं, जिससे हमारी संस्कृति और कला-साहित्य से बच्चों का परिचय हो और उनके अंदर सामाजिक जिम्मेदारियों का अहसास हो।

कवि सम्मेलन में महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था:

कवि सम्मेलन में महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की जाएगी। उनकी सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखा जाएगा, जिससे हर वर्ग के लोग इस कार्यक्रम का आनंद ले सकें।

नववर्ष उत्सव में भाग लेने का आह्वान:

रामेश्वर शर्मा ने सभी भोपालवासियों से इस पावन पर्व के उत्सव में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नववर्ष का स्वागत घर-घर में उत्साह के साथ होना चाहिए, और साथ ही इस दिन की विशेषता को सोशल मीडिया पर भी फैलाना चाहिए।

नववर्ष का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व:

रामेश्वर शर्मा ने यह भी बताया कि नववर्ष का स्वागत प्राकृतिक बदलाव और देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। यह पर्व समाज को एकजुट करने और हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का अवसर है।

कर्मश्री के इस विराट आयोजन में अधिक से अधिक लोगों को सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि हम सब मिलकर इस नववर्ष का स्वागत कर सकें और अपनी संस्कृति को हर किसी तक पहुंचा सकें।

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