भोपाल के गौतम नगर निवासी अभिषेक दीक्षित ने 25 मार्च 2024 की रात करीब 10:35 बजे फूड डिलीवरी ऐप स्विगी से बटर खिचड़ी और लस्सी का ऑर्डर दिया। ऑर्डर आने पर जब उन्होंने पार्सल खोलने से पहले पैकिंग देखी, तो उसमें खिचड़ी के अंदर मरी हुई मक्खी दिखाई दी।
शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान, उपभोक्ता आयोग में दर्ज हुआ केस
अभिषेक ने तुरंत स्विगी को ईमेल और चैट के जरिए शिकायत की, लेकिन स्विगी ने कहा कि भुगतान होटल को किया जा चुका है और अब यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है। होटल से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद अभिषेक ने उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज कराया।
आयोग ने होटल को माना दोषी, स्विगी को दी क्लीन चिट
भोपाल उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय ने इस मामले की सुनवाई की। उन्होंने कहा कि खाने में मरी हुई मक्खी मिलना होटल की लापरवाही है और इसका जिम्मेदार होटल ही है। स्विगी केवल एक डिलीवरी प्लेटफॉर्म है, इसलिए उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
15,130 रुपए का मुआवजा देने का आदेश, दो महीने में भुगतान जरूरी
अभिषेक के वकील अथर्व मुंझे के अनुसार आयोग ने होटल को आदेश दिया है कि वह:
- ऑर्डर की राशि ₹130 लौटाए,
- मानसिक कष्ट और सेवा में कमी के लिए ₹10,000 का मुआवजा दे,
- ₹5,000 कानूनी खर्च के रूप में अदा करे।
यदि यह राशि तय समय में नहीं दी जाती, तो होटल को उस पर 9% वार्षिक ब्याज देना होगा।

