मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 मई को जबलपुर में मध्यप्रदेश के पहले मॉडल रिकॉर्ड रूम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अब आम नागरिकों को जमीन के दस्तावेज़ों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से राजस्व रिकॉर्ड की नकल प्राप्त की जा सकेगी।

मैं भी वकील रहा हूं, इस पीड़ा को समझता हूं – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले राजस्व दस्तावेज़ों की नकल निकलवाने के लिए लोगों को महीनों भागदौड़ करनी पड़ती थी। यह पहल आम जनता को सशक्त बनाने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक अहम कदम है।
14 लाख रिकॉर्ड स्कैन हो चुके, लक्ष्य 48 लाख
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि जबलपुर के रिकॉर्ड रूम को मात्र चार माह में डिजिटल किया गया है। 116 वर्षों (1909-10 से अब तक) में तैयार हुए 48 लाख दस्तावेज़ों में से अब तक 14 लाख दस्तावेज़ स्कैन किए जा चुके हैं। अगले चरण में शेष 34 लाख रिकॉर्ड स्कैन किए जाएंगे।
रंग-कोडिंग और यूनिक नंबर से खोज आसान

सभी दस्तावेजों को प्लास्टिक के एयरटाइट डिब्बों में तहसील अनुसार रंग-कोडिंग कर व्यवस्थित किया गया है। हर बॉक्स में वर्षवार, मौजावार, मदवार केस की जानकारी स्टिकर के माध्यम से अंकित है। रैक शेल्फ को यूनिक नंबर दिए गए हैं ताकि रिकॉर्ड की खोज बेहद आसान हो सके।
मोबाइल ऐप और पोर्टल पर उपलब्ध होगा रिकॉर्ड
अब नागरिक मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से रिकॉर्ड को एक्सेस कर सकते हैं। तहसील और नाम भरने मात्र से संबंधित दस्तावेज की जानकारी एक क्लिक में मिल जाएगी।
रिकॉर्ड रूम अब ‘बैंक लॉकर’ जितना सुरक्षित
डिजिटल रिकॉर्ड रूम को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया गया है। यह व्यवस्था पारदर्शिता, डेटा सुरक्षा और नागरिक सुविधा के लिए आदर्श मानी जा रही है।
हरसूद से मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

खंडवा जिले के हरसूद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर नगरीय निकाय में गीता भवन और हर जनपद क्षेत्र में वृंदावन ग्राम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गीता और गौ-सेवा के माध्यम से समाज में नैतिकता, संस्कृति और संस्कार को मजबूत किया जाएगा।
गीता और गौ-सेवा से बनेगा संस्कारित समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को समझने और समाज को दिशा देने के लिए यह पहल की जा रही है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समृद्ध करने की दिशा में प्रभावी कदम है।
राजस्व रिकॉर्ड की डिजिटलीकरण प्रक्रिया न केवल पारदर्शिता और सुविधा का प्रतीक है, बल्कि यह मध्यप्रदेश में सुशासन की एक नई मिसाल भी है। साथ ही गीता भवन और वृंदावन ग्राम जैसी घोषणाएं सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि को दर्शाती हैं।

