यदि आप इतिहास, कला और संस्कृति में रुचि रखते हैं या बच्चों को रचनात्मक माहौल देना चाहते हैं, तो 18 मई से भोपाल के राज्य संग्रहालय, श्यामला हिल्स में ‘संग्रहालय मेला’ शुरू होने जा रहा है। यह मेला मध्यप्रदेश में पहली बार वर्चुअल म्यूजियम का अनुभव प्रदान करेगा, जहां आगंतुक बिना गाइड के डिजिटल तकनीक के माध्यम से संग्रहालय की गहराई में उतर सकेंगे।
‘भारत की सौर परंपरा’ पर दुर्लभ फोटो प्रदर्शनी
इतिहास और कला प्रेमियों के लिए एक और आकर्षण है ‘भारत की सौर परंपरा’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी। यहां आपको देश के प्रमुख सूर्य मंदिरों और उनसे जुड़ी कलात्मक मूर्तियों की झलक देखने को मिलेगी। यह प्रदर्शनी हर दिन सुबह 10:30 से शाम 5:30 बजे तक आमजन के लिए निशुल्क खुली रहेगी।
बच्चों के लिए रचनात्मक कार्यशालाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

मेले में खासतौर पर बच्चों के लिए रचनात्मक कार्यशालाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शैक्षिक गतिविधियां और विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, जो न केवल मनोरंजन करेंगी बल्कि जानकारी भी बढ़ाएंगी।
अन्य शहरों में भी होगा उत्सव
- ग्वालियर: मोती महल में “अतीत से भविष्य के सेतु: हमारे संग्रहालय” विषय पर व्याख्यानमाला।
- इंदौर: “विंटेज इंदौर” विषय पर प्रदर्शनी और सेमिनार।
- जबलपुर: “कृषि संस्कृति में बलराम” विषयक प्रदर्शनी और “धरोहर” पर व्याख्यानमाला।
क्यों जाएं ‘संग्रहालय मेला’?
- पहली बार वर्चुअल म्यूजियम एक्सपीरियंस: तकनीक और इतिहास का संगम।
- दुर्लभ फोटोग्राफ्स और मंदिरों की कहानियां: इतिहास की गहराई में उतरने का मौका।
- बच्चों के लिए फन+लर्न एक्टिविटीज: मनोरंजन के साथ शिक्षा।
- फैमिली आउटिंग के लिए परफेक्ट और जानकारी से भरपूर माहौल: सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त।
यदि आप इतिहास, कला और संस्कृति में रुचि रखते हैं या बच्चों को रचनात्मक माहौल देना चाहते हैं, तो यह मेला एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। इसका हिस्सा बनें और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का आनंद लें।

