भोपाल

MP News: भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में तुर्की की कंपनी का ठेका; मेट्रो ऑफिस का घेराव करने पहुंचे कांग्रेसी

भोपाल-इंदौर मेट्रो में तुर्किए की कंपनी ‘असिस गार्ड’ का ठेका है। वह स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगा रही है। इसे लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भोपाल सांसद आलोक शर्मा का बयान सामने आ चुका है। वहीं, अब कांग्रेस भी मैदान में उतर गई है।

बुधवार को पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मेट्रो ऑफिस का घेराव किया। यहां पर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। शर्मा ने कहा कि तुर्की ने पाकिस्तान का साथ दिया है। ऐसे में देश खतरे में है। सॉफ्टवेयर के जरिए तुर्की देश को संकट में डाल सकता है। सात दिन के अंदर टेंडर निरस्त होना चाहिए।

2024 में मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने AFCS के लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी किए थे। तीन कंपनियों ने आवेदन किया, जिनमें तुर्की की ‘असिस गार्ड’ भी शामिल थी। कंपनी ने 186.52 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया, जबकि अन्य कंपनियों ने 204.57 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया। इस प्रकार, ‘असिस गार्ड’ को ठेका मिला।

कांग्रेस का विरोध और आरोप

कांग्रेस ने इस ठेके का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि तुर्की की कंपनी पाकिस्तान का समर्थन करती है, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरे की बात है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मेट्रो ऑफिस का घेराव किया और सात दिन के भीतर ठेका रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

‘असिस गार्ड’ कंपनी की पृष्ठभूमि

‘असिस गार्ड’ तुर्की की एक रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी है, जो ड्रोन, सीमा सुरक्षा प्रणाली और सैन्य वाहन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम विकसित करती है। कंपनी का मुख्यालय इस्तांबुल में है और यह सीमा सुरक्षा और रक्षा उपकरणों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। हालांकि, मेट्रो प्रोजेक्ट में उनकी भूमिका केवल AFCS सिस्टम की आपूर्ति और रखरखाव तक सीमित है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

मध्य प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो ठेके की समीक्षा की जाएगी।

भोपाल और इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में तुर्की की कंपनी का ठेका एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जिसमें सुरक्षा, राजनीति और राष्ट्रीय हितों से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं। सरकार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और क्या ठेके की शर्तों में कोई संशोधन आवश्यक है।

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