बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी तेज हो गई है। गया शहर में इसी साल की सबसे बड़ी चुनावी प्रक्रिया शुरू होने वाली है। आने वाले दिनों में शहर की राजनीतिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। प्रशासन ने इसे ध्यान में रखते हुए बड़ी तैयारी कर ली है।
13 अक्टूबर से गया के समाहरणालय परिसर में चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों का नामांकन शुरू होगा। ये चार क्षेत्र हैं – बेलागंज, गया टाउन, वजीरगंज और बोधगया। इन चारों सीटों के लिए एक ही जगह पर नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। ऐसी स्थिति में हजारों की संख्या में उम्मीदवार, उनके समर्थक और कार्यकर्ता इस इलाके में आएंगे। इसका सीधा असर शहर के यातायात पर पड़ेगा।

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत और सुचिंतित योजना तैयार की है। इस योजना के तहत कई मुख्य रास्तों पर नामांकन अवधि के दौरान वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का यह समय खास तरीके से निर्धारित किया गया है।
प्रतिबंधित मार्गों की सूची:
काशीनाथ मोड़ से डी.एम. गोलंबर तक का पूरा रास्ता
कोयरीबाड़ी मोड़ से होते हुए दिग्घी तालाब के मंदिर वाले मार्ग से डी.एम. गोलंबर तक
पीरमंसूर मोड़ से समाहरणालय तक पहुंचने वाला सीधा रास्ता
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास सब्जी मंडी की ओर से जाने वाला मार्ग
हालांकि एक अहम बात यह है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस को इन सभी प्रतिबंधों से पूरी छूट दी गई है। इसका मतलब है कि जरूरत के समय ये सेवाएं किसी भी रास्ते से गुजर सकेंगी।
ट्रैफिक को सुचारू रखने की कोशिश
प्रशासन ने रास्तों को बंद करने के साथ ही यातायात को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं। इन रास्तों का उपयोग करके वाहन अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।
काशीनाथ मोड़ से आने वाले वाहनों को बाटा मोड़ से मुड़कर टेकारी रोड होते हुए जाना होगा। यह रास्ता जे.पी.एन. अस्पताल से होकर गुजरेगा। कोयरीबाड़ी मोड़ और दिग्घी तालाब के मंदिर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए ईएमआई हॉल, गांधी मैदान और चर्च गेट होकर जाने का रास्ता दिया गया है। यह मार्ग ए.पी.आर. मोड़ से होकर आगे बढ़ेगा।
पीरमंसूर मोड़ से जो वाहन आ रहे हैं, उन्हें बाईं ओर मुड़कर पितामहेश्वर रोड होते हुए कोयरीबाड़ी मोड़ तक जाना होगा।
इतनी बड़ी संख्या में वाहन आने से शहर में पार्किंग की समस्या हो सकती थी। इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक व्यवस्थित समाधान निकाला है। नामांकन के लिए आने वाले सभी अभ्यर्थियों के वाहनों के लिए जिला स्कूल गया में एक केंद्रीकृत पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इससे शहर की सड़कों पर पार्किंग की समस्या नहीं होगी और यातायात सुचारू रह सकेगा।
नामांकन की अवधि: एक सप्ताह में निर्धारित समय
यह संपूर्ण ट्रैफिक प्लान 13 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर नामांकन कार्य की पूरी अवधि तक लागू रहेगा। गया की सभी दस विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 13 अक्टूबर को शुरू होगी और 20 अक्टूबर तक चलेगी। इस एक सप्ताह में सभी उम्मीदवारों को नामांकन के लिए अपने-अपने निर्धारित नामांकन केंद्रों पर आवेदन करना होगा।

नामांकन केंद्रों का विभाजन
प्रशासन ने दक्षता और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग-अलग नामांकन केंद्र स्थापित किए हैं। इससे भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
गया टाउन की सीट के लिए अनुमंडल कार्यालय सदर में नामांकन केंद्र बनाया गया है। वजीरगंज विधानसभा के लिए भी अनुमंडल कार्यालय सदर में ही केंद्र होगा। बेलागंज के अभ्यर्थियों को डीआरडीए कार्यालय गया में आवेदन करना होगा। बोधगया सीट के लिए समाहरणालय परिसर में स्थित अपर समाहर्ता राजस्व के चैम्बर में नामांकन केंद्र है।
गया जिले के अन्य क्षेत्रों के नामांकन केंद्र
टिकारी विधानसभा के लिए अनुमंडल कार्यालय टिकारी में केंद्र है। गुरुआ की सीट के लिए भी अनुमंडल कार्यालय टिकारी में ही नामांकन किया जाएगा। अतरी विधानसभा के अभ्यर्थियों को अनुमंडल कार्यालय नीमचक बथानी (खिजरसराय) में आवेदन करना होगा।
शेरघाटी क्षेत्र में तीन विधानसभा सीटें हैं। शेरघाटी विधानसभा के लिए अनुमंडल कार्यालय शेरघाटी में केंद्र है। बाराचट्टी और इमामगंज दोनों की सीटों के लिए भी अनुमंडल कार्यालय शेरघाटी में ही नामांकन केंद्र बनाया गया है।
गया प्रशासन की ये सभी व्यवस्थाएं साफ करती हैं कि चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए कितनी तैयारी की गई है। ट्रैफिक से लेकर पार्किंग तक की हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान दिया गया है। इन सुविधाओं के माध्यम से प्रशासन सुनिश्चित करना चाहता है कि शहर की यातायात व्यवस्था बाधित न हो और चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी अड़चन के आगे बढ़ सके। आने वाली एक सप्ताह में गया की राजनीतिक गतिविधियों में नई जान आने वाली है।

