छतरपुर, मध्य प्रदेश: जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की पहचान ग्राम इमलिया निवासी राजेश पटेल के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि युवक ने थाने के वॉशरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या की, जबकि परिजनों ने हिरासत में मारपीट से मौत का गंभीर आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार, राजेश पटेल को शनिवार को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर राजनगर थाने में रखा गया था। शाम करीब 5 बजे वह शौचालय जाने की बात कहकर बाथरूम गया, जहां उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, हालांकि सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और रविवार को चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। परिजनों की मांग थी कि युवक को थाने लाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए। पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस के बाद मजिस्ट्रेट जांच के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त किया गया।

मृतक के पिता किशोरी पटेल ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मी उनके बेटे को बिना ठोस कारण घर से उठाकर ले गए थे और छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि बेटे की मौत पिटाई के कारण हुई है, न कि आत्महत्या से।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने प्रारंभिक जांच के बाद राजनगर थाने के दो आरक्षक — शिवकुमार और संजय — को निलंबित कर दिया है। वहीं, शव का डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और पूरे मामले की न्यायिक/मजिस्ट्रेट जांच जारी है।

घटना के बाद थाने के बाहर देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही और सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


