भोपालमध्यप्रदेश

MP News : भोपाल साहित्य एवं कला महोत्सव आज से शुरू, दिखेगा ज्ञान और साहित्य का संगम

MP News : भोपाल साहित्य एवं कला महोत्सव कहानियों के वर्णन को प्रोत्साहित करता है ताकि उन छिपी हुई मानवीय भावनाओं को उजागर किया जा सके जो हम सभी में अंतर्निहित हैं और जो हमारी आत्माओं को एक साथ बांधती हैं।
भोपाल साहित्य एवं कला महोत्सव

इस बार 31 जनवरी, 1 और 2 फरवरी को होने वाले इस आयोजन में नए हिंदी और अंग्रेजी लेखक भाग लेंगे। इस दौरान कई किताबों का विमोचन भी किया जाएगा। यह फेस्टिवल अब मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और पूरे देश में इसकी प्रसिद्धि हो रही है।

इस दौरान प्रेस कान्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति विभाग के सेक्रेटरी शिव शेखर शुक्ला भी उपस्थित रहे। इस फेस्टिवल में लगभग 125 लेखकों के आने का अनुमान है। वहीं, फेस्टिवल में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए सभी कॉलेज में निमंत्रण भी भेजा गया है।

राघव चंद्रा ने बताया कि भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल में विभिन्न विषयों के 61 सत्र होंगे।

साहित्य, राजनीति, कला और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषयों पर 61 सत्र होंगे

राघव चंद्रा ने बताया कि यह तीन दिन साहित्य, राजनीति, कला, संगीत, इतिहास, पर्यावरण, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषयों पर चर्चाओं का मौका देंगे। यह फेस्टिवल सभी के लिए खुला है और इसमें किसी भी प्रकार का टिकट नहीं है, लेकिन दर्शकों और श्रोताओं को रजिस्ट्रेशन करना होगा। 31 जनवरी को सुबह 9 बजे फेस्टिवल का शुभारंभ भारत भवन में होगा और अगले तीन दिनों में 61 सत्रों के माध्यम से ज्ञान की गंगा बहेगी।

ट्राइबल आर्ट की प्रदर्शनी लगेगी

इस उद्घाटन समारोह में पद्मश्री भूरीबाई, आदिवासी कलाकार और भारत भवन की ट्रस्टी भी उपस्थित रहेंगी। इस साल आदिवासी कलाकारों को उनकी पारंपरिक कला दिखाने का अवसर मिलेगा, और 25 से ज्यादा आदिवासी कलाकार इस साल ट्राइबल आर्ट फेयर में अपनी कला प्रदर्शित करेंगे।

फेस्टिवल में बच्चों की प्रतियोगिता और संगीत कार्यक्रम भी होगा

फेस्टिवल के तहत 1 फरवरी को शाम 6:30 बजे प्रसिद्ध गायिका प्रतिभा सिंह बघेल का संगीत कार्यक्रम रवींद्र भवन में होगा। तीसरे दिन, 2 फरवरी, फेस्टिवल का समापन होगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इस साल बच्चों के लिए पेंटिंग, स्लोगन लेखन और कविता प्रतियोगिताएं होंगी।

विजेताओं को पुरस्कार दिया जाएगा और वे कविता पाठ करेंगे। इस दौरान 2024 का सुशीला देवी पुरस्कार प्रसिद्ध लेखिका मधुलिका मंडल को उनकी किताब टैक्सी के लिए दिया जाएगा।

रहस्यों सुलझाने वाला खास खेल आयोजन होगा

इस साल एक खास प्रतियोगिता ‘बेगम ऑफ मिसिंग ज्वेलर्स – मर्डर मिस्ट्री’ भी होगी, जिसमें रहस्यों (क्लू) को ढूंढकर कहानी को जोड़कर एक मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करना होगा। इसके अलावा, ज्ञान-पुस्तक पुरस्कार भी दिया जाएगा। यह पुरस्कार उन पुस्तक विक्रेताओं को दिया जाएगा जिन्होंने अपनी सेवाओं और किताबों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस साल भोपाल के श्री सुरेश वाधवा को यह पुरस्कार उनकी लंबी सेवाओं के लिए मिलेगा।

भारत भवन में श्रीलंका से कलाकारों का भी कार्यक्रम होगा

इस दौरान संस्कृति विभाग के सेक्रेटरी शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि आज कल मोबाइल फोन पर टेक्ट्स करने वाले युवाओं के लिखने की आदत छूट गई है। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणा दायक रहेगा। इसके माध्यम से हर वर्ग के लोगों को साहित्य और संस्कृति दोनों का ज्ञान मिलेगा। वहीं, इस कार्यक्रम में जनजातियों के विषय में भी काफी कुछ जानने का मिलेगा। इस साहित्य फेस्टिवल के बाद जल्द भोपाल के भारत भवन में पहली बार श्रीलंका से आए कलाकारों का भी कार्यक्रम होगा।

संस्कृति विभाग के सेक्रेटरी शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि जल्द भोपाल में श्रीलंका से आए कलाकारों का भी कार्यक्रम होगा।

कुछ प्रमुख लेखक और सत्र

  • अक्षत गुप्ता – हिंदू पौराणिक कथाएं और विज्ञान कथा: अक्षत गुप्ता अपनी किताब के जरिए बताएंगे कि कैसे हम भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक विज्ञान कथा में ढाल सकते हैं।
  • सत्य मोहंती और प्रदीप मेहता – राजनीति, अर्थशास्त्र और न्याय: सत्य मोहंती समाज की नीतियों, आर्थिक निर्णयों और न्याय के संतुलन पर चर्चा करेंगे।
  • वेदवीर आर्य- प्राचीन भारत का काल निर्धारण: वेदवीर आर्य प्राचीन भारतीय ग्रंथों में दर्ज तिथियों और आधुनिक विज्ञान के बीच मिलान पर चर्चा करेंगे।
  • डॉ. अलका पांडे- 108 की आध्यात्मिक शक्ति और रहस्य: डॉ. अलका पांडे 108 की संख्या के महत्व और इसके प्रतीकात्मक प्रभाव पर बात करेंगी।
  • कुश भार्गव- भीष्म पितामह: कुश भार्गव महाभारत के भीष्म पितामह के किरदार और उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा करेंगे।
  • लक्ष्मी पुरी – स्वॉलोइंग द सन: लक्ष्मी पुरी नारी सशक्तिकरण और सामाजिक संघर्षों पर अपनी किताब के माध्यम से विचार साझा करेंगी।
  • दुव्वुरी सुब्बाराव- एक केंद्रीय बैंक गवर्नर के संस्मरण: रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर दुव्वुरी सुब्बाराव मौद्रिक नीति और वित्तीय निर्णयों के बारे में बताएंगे।
  • नंदन कामथ – खेल और जीवन: केवल खेल नहीं: नंदन कामथ खेलों के माध्यम से शारीरिक और मानसिक विकास पर बात करेंगे।
  • संध्या मृदुल – बेखौफ कविता: संध्या मृदुल अपनी कविताओं के जरिए विचारों की शक्ति और भावनाओं की स्वतंत्रता को व्यक्त करेंगी।
  • मंजुला पद्मनाभन – टैक्सी : मंजुला पद्मनाभन अपनी किताब टैक्सी पर चर्चा करेंगी, जिसमें महिला सशक्तिकरण और व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी है।

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