भोपाल में आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में किसानों, युवाओं और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य सरकार ने गेहूं और उड़द की खरीदी पर बोनस देने सहित कई योजनाओं को मंजूरी दी।
कैबिनेट में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसमें पहली बार 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस जोड़ते हुए 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा उड़द की फसल पर किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का भी फैसला किया गया है।

बैठक में स्वामित्व योजना के अंतर्गत ऐसे 46 लाख परिवारों को चिन्हित किया गया है जिनके पास अपने मकान या जमीन के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि इन परिवारों की रजिस्ट्री कराई जाएगी और उस पर लगने वाला स्टांप शुल्क माफ किया जाएगा। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने का अनुमान है।

पर्यटन के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश को बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी को जर्मनी द्वारा “ग्रीन डेस्टिनेशन” के रूप में प्रमाणित किया गया है, जिसे प्रदेश के पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इसके अलावा कैबिनेट ने सात विभागों की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता के लिए 33,240 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। मैहर, कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में स्टाफ की कमी को देखते हुए 51 पदों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की स्वीकृति भी दी गई है।
युवाओं को प्रशासन से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम लागू किया जाएगा। इसके तहत मध्य प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा, जिन्हें एक वर्ष के लिए इंटर्न के रूप में अनुबंधित किया जाएगा। यह योजना तीन वर्षों तक संचालित होगी।
अटल बिहारी सुशासन संस्थान द्वारा चयनित किए जाने वाले इन युवाओं की संख्या प्रदेश में लगभग 4860 होगी। ये इंटर्न विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे और डिजिटलीकरण के माध्यम से योजनाओं से जुड़े आंकड़े एकत्र कर सरकार को फीडबैक देंगे।

