मध्यप्रदेश

MP News: प्राइवेट स्कूल संचालक अब भाजपा कार्यालय पर देंगे धरना, मुंडन कराकर मांगेंगे इच्छा मृत्यु

MP News: अब 4 फरवरी को स्कूल संचालक मंच भोपाल बीजेपी कार्यालय के बाहर धरना देंगे। कोषाध्यक्ष मोनू तोमर ने बताया कि कुछ संचालक सर मुंडवाएंगे, तो कुछ इच्छामृत्यु मांगेंगे।
प्राइवेट स्कूल संचालक अब बीजेपी कार्यालय पर देंगे धरना

मध्यप्रदेश में निजी स्कूलों के मान्यता नियमों को लेकर बवाल मच हुआ है। अब स्कूल संचालक 4 फरवरी को बीजेपी कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगे। इससे पहले 10 जनवरी को स्कूल संचालकों ने हड़ताल की थी। इस संबंध में स्कूल संचालक मुख्यमंत्री मोहन यादव को ज्ञापन सौंप चुके हैं।

स्कूल संचालक इससे पहले शिक्षा मंत्री व विधायकों के सामने इस संबंध में गुहार लगा चुके हैं। प्रदेश सचिव संचालक मंच अनुराग भार्गव ने कहा कि पिछले एक साल से मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और डीपीसी से गुहार लगाई है। धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। 30 जनवरी को प्रदेशभर के स्कूल बंद किए गए, लेकिन सरकार मान्यता नियम में बदलाव को लेकर गूंगी-बहरी हो गई है।

बीजेपी कार्यालय पर देंगे धरना

अब 4 फरवरी को स्कूल संचालक मंच भोपाल बीजेपी कार्यालय के बाहर धरना देंगे। कोषाध्यक्ष मोनू तोमर ने बताया कि कुछ संचालक सर मुंडवाएंगे, तो कुछ इच्छामृत्यु मांगेंगे। तोमर ने कहा, राज्य सरकार स्कूल बंद करना चाहती है तो संचालक भी हार नहीं मानेंगे।

क्या है प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की मांगें?

मान्यता फीस में की गई बढ़ोतरी को खत्म किया जाएं। शिक्षा का अधिकार की रकम समय पर मिले। मान्यता के लिए चालीस हजार रुपये की सुरक्षा निधि पर रोक लगे। नोटरी किरायानामा को लागू करें। वहीं, आठवीं क्लास तक स्कूलों की मान्यता के लिए रजिस्टर्ड किरायानामे की शर्त को निरस्त करें।

7 फरवरी तक कर सकेंगे आवेदन

निजी स्कूल एसोसिएशन ने मान्यता में नियमों के बदलाव को लेकर 30 जनवरी को हड़ताल की थी। आवेदन करने की आखिरी तिथि 31 जनवरी थी। 2.5 हजार स्कूलों ने मान्यता के लिए अप्लाई किया था। राज्य में दस हजार से अधिक स्कूल मान्यता के लिए आवेदन कर चुके हैं। वहीं, स्कूल विभाग ने मान्यता के लिए आवेदन करने की डेट बढ़ा दी है। मान्यता के लिए आवेदन करने की तारीख बढ़कर 7 फरवरी कर दी गई है। वहीं, विलंब शुल्क के साथ 14 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।

15 हजार से अधिक स्कूल बंद होने की कगार पर

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा, ‘राज्य शिक्षा केंद्र कक्षा 1 से 8वीं मान्यता रिन्यूअल में तानाशाही दिखाई है। राज्य के करीब 15 हजार से अधिक स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। ये स्कूली इसी विभाग से मान्यता प्राप्त कर चल रहे है।’

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