मध्यप्रदेश

MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू, विधायकों ने उठाए 2939 सवाल

MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च यानी कल से शुरू होने जा रहा है, जिसमें विधायकों ने गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए कुल 2939 सवाल लगाए हैं। यह सत्र राज्य के विकास और बजट संबंधी मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा का मंच बनेगा।
एमपी का बजट सत्र कल से; 1785 सवाल ऑनलाइन, 1154 ऑफलाइन लगाए; 15 दिन के सत्र में 10 बैठक

मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च यानी कल से शुरू हो रहा है। सत्र के लिए विधायकों ने 2939 सवाल लगाए हैं। विधानसभा सचिवालय को 1785 सवाल ऑनलाइन मिले हैं जबकि 1154 प्रश्न ऑफलाइन लगाए गए हैं।

बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 11 मार्च को प्रश्नकाल के बाद दूसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश किया जाएगा। 11 मार्च को ही आर्थिक सर्वेक्षण आएगा। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। 12 मार्च को साल 2024-25 का बजट पेश किया जाएगा। 13 मार्च को प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर चर्चा होगी।

15 दिन का सत्र, 5 दिन छुट्‌टी रहेगी

बजट के अगले दिन चर्चा होने के बाद 14 मार्च को होली की छुट्‌टी रहेगी। 15 मार्च को शनिवार और 16 मार्च को रविवार का अवकाश होगा। 17 मार्च को प्रश्नकाल के बाद दूसरे सप्लीमेंट्री बजट को मतदान कराकर पारित कराया जाएगा। 18 मार्च को प्रश्नकाल, मांगों पर मतदान होगा। 19 मार्च को रंगपंचमी की छुट्‌टी रहेगी।

20 मार्च को प्रश्नकाल के बाद मांगों पर मतदान और बजट पर चर्चा होगी। 21 मार्च को प्रश्नकाल के बाद बजट पर चर्चा कराकर पारित किया जाएगा। इसके बाद अशासकीय संकल्प और विधेयक पेश किए जाएंगे। 22 और 23 मार्च को अवकाश के बाद 24 मार्च को प्रश्नकाल के बाद अन्य शासकीय काम होंगे और विधानसभा का सत्र खत्म हो जाएगा।

सौरभ शर्मा, करप्शन, लाड़ली बहना बनेंगे मुद्दे

बजट सत्र में विपक्ष आरटीओ के करोड़पति कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा, कपास और धान उपार्जन में घोटाला, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, लाड़ली बहना योजना की राशि न बढ़ाए जाने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगा। वहीं, बीजेपी ने अपने विधायकों से कहा है कि वे आंकड़ों के साथ विधानसभा पहुंचें। किस योजना से उनके क्षेत्र और प्रदेश में क्या बदलाव आए, उसे सदन के पटल पर रखें।

सीएम ने एक वर्चुअल मीटिंग में विधायकों से कहा है कि वे प्रश्न लगाने के साथ ही विषय की तैयारी करके विधानसभा में अपनी बात रखें। विपक्ष के झूठे आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब दें।

4 लाख करोड़ से ज्यादा का हो सकता है बजट

12 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट विधानसभा में पेश होगा। इस बार का बजट 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली चार जातियों- गरीब, किसान, महिला एवं युवा पर फोकस रहेगा।

खास बात ये है कि वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए जाएंगे। सरकार पूंजीगत व्यय और बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक कर सकती है।

15 लाख करोड़ तक राज्य सकल घरेलू उत्पाद

11 मार्च को सरकार आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करेगी। इसमें साल 2024-25 में राज्य सकल घरेलू उत्पाद की स्थिति, राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय से लेकर विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। सूत्रों की मानें तो राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 15 लाख करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है। ये वित्तीय वर्ष 2023-24 में 13 लाख 63 हजार करोड़ रुपए था।

मानसून सत्र तक लागू हो जाएगा ई-विधान सिस्टम

सिंह ने बताया- पेपरलेस विधानसभा के लिए तेजी से कार्रवाई चल रही है। हमने नेवा सेवा प्रशिक्षण केंद्र बना लिया है। सदस्यों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सदन में जो व्यवस्थाएं होनी हैं, उसके लिए एनआईसी और पीडब्ल्यूडी ने तीन महीने का समय मांगा है।

अभी बजट सत्र के बाद मानसून सत्र तक तीन-चार महीने सदन खाली रहेगा। उस दौरान ये सारी तैयारियां हो जाएंगी। केबल लगनी है, सदस्यों के टेबल पर टैब लगाए जाएंगे। हमारा अनुमान है कि अगले सत्र में ई-विधान लागू हो जाएगा।

ई-विधान लागू होने से ज्यादातर जानकारियां ऑनलाइन होंगी। विधायकों की ओर से सूचनाएं ऑनलाइन सॉफ्ट कॉपी में आएंगी। विभागों को भी ऑनलाइन भेजकर ऑनलाइन ही जानकारी मंगाएंगे। जो जानकारी आएगी, वह पीडीएफ फॉर्मेट में सदस्यों के टैब में चली जाएंगी।

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