भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष की आशंका के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में व्यापक सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है।
वहीं, पुलिस बल के सभी छुट्टी पर गए कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के आदेश दे दिए गए हैं।
“राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि”: सीएम ने दिए सभी जरूरी सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि वर्तमान हालातों को देखते हुए सभी नागरिक सेवाएं बिना रुकावट चलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों को अतिरिक्त सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
अफवाहों को रोकने और राष्ट्र विरोधी प्रचार पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस की छुट्टियाँ रद्द, हर सूचना पर तुरंत एक्शन का आदेश
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी रेंज एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसपी से संवाद किया।
उन्होंने आदेश दिया कि:
- सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द की जाएं
- जो छुट्टी पर हैं, वे तुरंत ड्यूटी जॉइन करें
- सघन चेकिंग, हर वक्त अलर्ट मोड में रहें
- छोटी से छोटी सूचना पर तत्काल एक्शन लिया जाए
- केंद्र सरकार की सुरक्षा गाइडलाइन का पालन सख्ती से हो
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ व्यापक सुरक्षा मंथन
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह जेएन कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सैन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में तय किया गया कि सभी विभागों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
नागरिकों से अपील: अफवाहों से बचें, किसी भी स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें
सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।
आपात स्थिति में नागरिक प्रशासन या पुलिस के कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार की यह तत्परता और सतर्कता इस बात का संकेत है कि राज्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा, सेवा और समर्पण के इस त्रिकोण में प्रशासन, पुलिस और नागरिक मिलकर काम करें — यही सरकार का संदेश है।

