मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक: लैंड पुलिंग और अनाथ बच्चों से लेकर लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मीटिंग की शुरुआत वंदे मातरम के सामूहिक गान के साथ हुई। बैठक में लाडली बहनों, अनाथ बच्चों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लाडली बहनों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य फैसले और योजनाएँ:

लाड़ली बहनों के लिए राशि वृद्धि: लाड़ली बहन योजना के तहत मासिक राशि 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए करने पर विचार हुआ। अब तक 44,900 करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।

अनाथ बच्चों को 4-4 हजार की सहायता: मिशन वात्सल्य योजना के तहत 33,346 अनाथ बच्चों को 4,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे, जिसमें 60% राशि केंद्र और 40% राज्य सरकार वहन करेगी।

12 जिलों में आयुष अस्पताल: भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, महेश्वर, बालाघाट, गुना, भिंड, सीहोर, पन्ना, श्योपुर, अमरकंटक और शुजालपुर में 50-बिस्तर के आयुष अस्पताल स्थापित होंगे। बड़वानी जिले में 30-बिस्तर अस्पताल और 373 नए पद स्वीकृत किए गए।

इसके अलावा कैबिनेट ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद में नई भर्ती पर लगी रोक हटाई और वैज्ञानिकों की नियुक्ति के लिए नए नियम मंजूर किए। किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पिछले 15 दिनों में 233 करोड़ रुपए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए।

पन्ना के हीरों को GI टैग: अब इसे ‘पन्ना डायमंड’ के नाम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचा जा सकेगा।

सौर मोटर पर 90% सब्सिडी: प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में संशोधन, 7.5 HP तक की सोलर मोटर पर केवल 10% राशि किसान देगा और 90% सब्सिडी सरकार देगी।

सोशल इंपैक्ट बॉन्ड योजना: सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं को मान्यता और 100 करोड़ रुपए का प्रावधान।

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारी पर भी चर्चा की और लैंड पुलिंग के विषय में किसानों की राय को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसके अलावा, MP Tech Growth Conclave 2.0 में 15,996 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 64,085 रोजगार सृजन की संभावना भी सामने आई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की सरकार विकास, सामाजिक कल्याण और रोजगार सृजन के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी ठोस कदम उठा रही है।इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार सभी वर्गों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

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