भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को समेकित छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में 300 करोड़ रुपए की राशि का ऑनलाइन हस्तांतरण किया। मुख्यमंत्री निवास के समत्व सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को उनकी आवश्यकता की सभी सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध हों, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पर पूर्ण ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों की शैक्षणिक यात्रा में किसी प्रकार की बाधा न आए।
वित्तीय चुनौतियों के बावजूद बच्चों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रक्रिया की जटिलताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वित्त विभाग से इस बड़ी राशि को स्वीकृत कराना सरल कार्य नहीं था। उन्होंने कहा, “कई बार लोगों को लगता है कि सरकारी खजाने से पैसा निकालना या बजट पारित कराना आसान प्रक्रिया है, लेकिन वास्तविकता में यह एक लंबी और जटिल प्रक्रिया होती है। फिर भी हमने बच्चों की प्राथमिकता को सर्वोच्च रखते हुए यह राशि निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने में सफलता प्राप्त की।”
निजी स्कूलों के छात्रों को भी मिल रहा लाभ
सरकार की प्रतिबद्धता केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत 8.5 लाख विद्यार्थियों की फीस का भुगतान भी सरकार द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा, “आज हमने सरकारी स्कूलों के 52 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की है। चाहे संस्थान सरकारी हो या निजी, हम प्रदेश के हर बच्चे की शिक्षा के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं।”

शिक्षा को भविष्य में निवेश बताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने बच्चों की शिक्षा और उनकी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह केवल एक सरकारी योजना का क्रियान्वयन नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के भविष्य में एक दीर्घकालिक निवेश है। बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक कारणों से बाधित न हो।”
डॉ. यादव ने आगे कहा कि सरकारी योजनाओं की सार्थकता तभी सिद्ध होगी, जब प्रदेश के बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास झलके और वे जीवन में निरंतर प्रगति करें।
समेकित छात्रवृत्ति योजना
समेकित छात्रवृत्ति योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस योजना की मुख्य विशेषता यह है कि छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
इस राशि का उपयोग विद्यार्थी स्कूल की फीस, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कर सकते हैं। योजना का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की शैक्षणिक प्रगति में बाधा न बने।

