मध्यप्रदेश में सीएम राइज स्कूल अब महर्षि संदीपनी स्कूल कहलाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ‘सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था, जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो। इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया है।’
मुख्यमंत्री ने यह बात मंगलवार को भोपाल में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में कही। सीएम ने इस मौके पर ‘स्कूल चलें हम अभियान -2025’ का आगाज भी किया।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा- शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर कई महान व्यक्तियों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी है।
इस निर्णय से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का एक और फैसला पलटा है।

2020 में जो नई शिक्षा नीति आई, उसे मध्यप्रदेश ने सबसे पहले लागू किया। सीएम बनने के बाद 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले, संस्कृति और विरासत को शिक्षा से जोड़ा है।
जुलाई से छात्राओं को मिलेंगी साइकिल
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- जुलाई में बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने शिक्षा विभाग और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इस शैक्षणिक सत्र में 1 अप्रैल से ही विद्यार्थी अपनी नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक पहल है।
उन्होंने कहा- बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इस साल जब स्टूडेंट अपने स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं तो शासन द्वारा दी गई किताबें उनके बैग में पहले से हैं। यह पहली बार हुआ है कि हर जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांट दी गई है।

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- हर जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांट दी गई है।
एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होगा स्टूडेंट्स का डेटा इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों और राष्ट्रीय स्तर के खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का उद्घाटन भी किया। इस पोर्टल पर सरकारी- गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का डेटा ‘स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम’ प्रणाली से किया जा रहा है।

