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Budget 2025: वित्त मंत्री ने RBI बोर्ड के साथ की बैठक, बजट फैसलों और इनकम-टैक्स में दी गई राहत की दी जानकारी

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 8 फरवरी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड के साथ मीटिंग की। इसमें उन्होंने इनकम टैक्स में दी गई राहत समेत आम बजट 2025-26 के प्रमुख प्रस्तावों के बारे में बताया।
वित्त मंत्री ने RBI बोर्ड के साथ बैठक में बजट फैसलों और इनकम-टैक्स में दी गई राहत की जानकारी दी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 8 फरवरी 2025 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने आम बजट 2025-26 के प्रमुख प्रस्तावों, विशेषकर मध्यम वर्ग के लिए आयकर में दी गई राहत, के बारे में जानकारी दी।

इस मीटिंग में वित्त मंत्री ने भारतीय रिजर्व बैंक बोर्ड के सदस्यों को संबोधित किया और सरकार द्वारा बजट में उठाए गए कदमों के बारे में बताया। इस मीटिंग के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, निर्मला सीतारमण और वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सवालों के जवाब दिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर ने कहा कि रेपो दर में कटौती से विकास और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हम भारत को अधिक इन्वेस्टर फ्रेंडली और ट्रेड फ्रेंडली बनाना चाहते हैं।

12 लाख रुपए तक की कमाई टैक्स फ्री की

1 फरवरी को पेश बजट में इनकम टैक्स को लेकर बड़ी राहत दी गई। न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख रुपए तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी। न्यू टैक्स रिजीम के स्लैब में भी बदलाव किया गया है। पुरानी टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इनकम टैक्स या टैक्स को लेकर ये 8 बड़े बदलाव भी हुए

  1. रेंट से होने वाली इनकम पर TDS छूट दोगुनी : रेंट से होने वाली इनकम पर TDS की सीमा 2.4 लाख से बढ़ाकर 6 लाख की गई है। यानी अब 6 लाख रुपए तक के सालाना किराए पर TDS नहीं काटा जाएगा।
  2. वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से आय पर दोगुनी छूट : वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और पोस्ट ऑफिस के ब्याज से होने वाली कमाई पर मिलने वाली टैक्स छूट को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया गया है। यानी अब ब्याज की इनकम पर वरिष्ठ नागरिकों को 1 लाख रुपए तक की राहत मिलेगी।
  3. पिछले 4 साल के रिटर्न फाइल कर सकेंगे : पुराने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की सीमा 2 साल से बढ़ाकर 4 साल की गई है। यानी यदि किसी करदाता ने अपना रिटर्न गलत फाइल किया हो या फाइल करना रह गया हो तो वह अब इस गलती को 4 साल के अंदर अपडेटेड रिटर्न फाइल करके ठीक कर सकेंगे।
  4. दो घर पर मिलेगा सेल्फ ऑक्यूपाइड हाउस का फायदा : बजट में सेल्फ ऑक्यूपाइड हाउस पर टैक्स राहत दी गई है। इसका मतलब यह है कि अगर आपके पास दो घर हैं और आप दोनों घरों में रहते हैं, तो अब आप दोनों संपत्तियों पर टैक्स का फायदा ले सकेंगे। जबकि पहले टैक्स राहत सिर्फ एक सेल्फ ऑक्यूपाइड हाउस में ही मिलती थी।
  5. अगले हफ्ते आएगा नया इनकम टैक्स बिल : सरकार अगले हफ्ते नया इनकम टैक्स बिल लाएगी। इससे टैक्स सिस्टम को ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसका मकसद टैक्सपेयर्स को बेवजह नोटिस और परेशानियों से बचाना है। इसके साथ ही KYC प्रक्रिया भी आसान की जाएगी, जिससे बैंक और अन्य वित्तीय कामों में कम कागजी झंझट होगा।
  6. पैन नंबर न होने पर टैक्स ज्यादा लगेगा: टीडीएस और टीसीएस का उपयोग आमतौर पर सामान बेचने के दौरान किया जाता था। इससे कस्टमर और दुकानदार दोनों को कई तरह की परेशानी होती थी। वित्तमंत्री ने इससे टीसीएस हटाने का ऐलान किया है। ये भी कहा है कि ऊंची दरों पर टीडीएस उन्हीं मामलों में लगाया जाएगा जिनका पैन नंबर नहीं होगा।
  7. पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपए तक विदेश भेजने पर टैक्स नहीं: विदेश में पढ़ाई के लिए पैसा भेजने पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की लिमिट अब 10 लाख रुपए कर दी गई है। अभी कोई व्यक्ति विदेश में पैसे भेजता है। यह रकम 7 लाख रुपए से अधिक होती है, तो उस पर TCS लगता है। हालांकि ये छूट आपको तभी मिलेगी जब ये पैसा किसी फाइनेंशियल आर्गनाइजेशन जैसे बैंक आदि से लोन लिया गया हो।
  8. NSS से पैसा निकालने पर छूट : कई सीनियर सिटीजन्स के पास बहुत पुराने नेशनल सेविंग्स स्कीम (NSS) खाते हैं, जिन पर कोई ब्याज नहीं दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि जो लोग 29 अगस्त 2024 या उसके बाद NSS से पैसा निकालेंगे उन्हें निकासी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यही नियम NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) वात्सल्य खातों पर भी लागू होगा, लेकिन इसकी छूट की एक लिमिट होगी।

RBI ने रेपो रेट में 0.25% कटौती की

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने करीब 5 साल बाद 7 फरवरी को ब्याज दरों को 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया है। अब आपके सभी लोन सस्ते हो सकते हैं और EMI भी घटेगी। रेपो रेट घटने के बाद बैंक भी हाउसिंग और ऑटो जैसे लोन्स पर अपनी ब्याज दरें कम कर सकते हैं। ब्याज दरें कम होंगी तो हाउसिंग डिमांड बढ़ेगी। ज्यादा लोग रियल एस्टेट में निवेश कर सकेंगे।

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