भोपाल

MP News: भोपाल में हुआ भीषण सड़क हादसा, ब्रेक फेल स्कूल बस ने ली दो जिंदगियां

भोपाल में सोमवार को एक स्कूल बस ने ब्रेक फेल होने के कारण बाणगंगा चौराहे पर रेड सिग्नल पर खड़ी आठ से अधिक गाड़ियों को टक्कर मार दी, जिसमें एक लेडी डॉक्टर समेत दो लोगों की मौके पर मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट नवंबर 2024 में ही एक्सपायर हो चुका था, फिर भी बस सड़क पर दौड़ रही थी। मृतक डॉक्टर आयशा खान की अगले महीने शादी होने वाली थी, और हादसे के वक्त उनकी मां शादी के कार्ड बांट रही थीं।

भोपाल में सोमवार, 12 मई की दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब एक स्कूल बस का ब्रेक फेल हो गया और उसने रेड सिग्नल पर खड़े दर्जनभर वाहनों को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बीएएमएस इंटर्न डॉक्टर आयशा खान समेत दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

हादसा कैसे हुआ?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार से बाणगंगा घाटी से उतर रही थी, और सिग्नल पर रुके लोगों पर सीधा चढ़ गई। ड्राइवर ने चीखते हुए लोगों को हटने की चेतावनी देने की कोशिश की, लेकिन भारी बस को नियंत्रित नहीं कर सका। बस ने 8 से अधिक वाहनों को रौंदते हुए कई लोगों को कुचल दिया।

आयशा खान की दर्दनाक मौत

इस हादसे में मुल्ला कॉलोनी की रहने वाली आयशा खान, जो जेपी हॉस्पिटल में इंटर्नशिप कर रही थीं, बस के नीचे फंसकर काफी दूर तक घिसटती रहीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दुखद बात यह है कि 14 जून को उनकी शादी तय थी, और जब हादसा हुआ, तब उनकी मां रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांट रही थीं।

बस के दस्तावेज थे अमान्य

जांच में सामने आया कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट नवंबर 2024 में ही एक्सपायर हो चुका था, और इसके बावजूद वह सार्वजनिक सड़कों पर चल रही थी। भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने बताया कि बस आईपीएस स्कूल के नाम पर पंजीकृत है और अब मालिक और प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अन्य घायल मजदूर

इस हादसे में गंभीर रूप से घायल रईस और फिरोज नामक दो मजदूरों को पहले हमीदिया अस्पताल और फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों एक ही बाइक पर सवार थे।

वीडियो में कैद हुआ दर्दनाक दृश्य

इस भीषण दुर्घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि बस कैसे तेजी से पीछे से वाहनों पर चढ़ती चली जाती है, और लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं।

भोपाल की इस दुर्घटना ने एक बार फिर वाहनों की सुरक्षा जांच और फिटनेस नियमों की अनदेखी को उजागर किया है। यदि समय रहते ऐसी लापरवाहियों पर सख्ती से अंकुश नहीं लगाया गया, तो निर्दोष लोगों की जानें यूं ही जाती रहेंगी।

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