भोपाल। मध्यप्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले 19 शहरों में आज 1 अप्रैल 2025 से शराब की दुकानें बंद कर दी गई है. दरअसल, महेश्वर में मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया था. वही इस फैसले को लेकर राज्य सरकार के सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये शहर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के आस्था केंद्र हैं, जहां लोग पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान करने आते हैं। ऐसे में वहां शराब बिक्री पर रोक लगाना संस्कृति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक है।
कांग्रेस फैला रही नकारात्मकता
मंत्री विश्वास सारंग ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “कमलनाथ सरकार के समय घर-घर शराब बांटने की योजना बनी थी। अगर उनकी सरकार 5 साल चलती, तो घर-घर और पान की दुकानों पर शराब बिकती। हमने तो शराबबंदी की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है, जिसका स्वागत होना चाहिए।” उन्होंने कांग्रेस पर शराबबंदी को लेकर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को यह बताना चाहिए कि कमलनाथ सरकार के दौरान घर-घर शराब बांटने की योजना क्यों बनाई गई थी।
इन क्षेत्रों में हुई शराबबंदी

जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है उनमें उज्जैन, अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा, ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर भेड़ाघाट क्षेत्र, चित्रकूट, मैहर, सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं। एक अप्रैल 2025 से इन सभी क्षेत्र में पूर्ण शराब बंदी रहेगी।

