शनिवार, 10 मई 2025 को मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आधिकारिक वेबसाइट हैक हो गई। वेबसाइट के होमपेज पर ‘यू हैव बीन हैक्ड पीएफए साइबर फोर्स’ और ‘ऑपरेशन बुनयान-अल-मरसूस’ का संदेश पोस्ट किया गया था। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की ओर से भी सामने आया था, जिसका अर्थ अरबी में ‘शीशे से बनी मजबूत दीवार’ है। बीजेपी आईटी सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वेबसाइट को 15 से 20 मिनट में बहाल कर लिया। हालांकि, राष्ट्रीय वेबसाइट हैक होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
साइबर हमलों की पुनरावृत्ति
यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी की वेबसाइट को हैक किया गया है। इससे पहले भी दिल्ली, छत्तीसगढ़ और गोवा की वेबसाइटों को हैक किया गया था, जिनमें पाकिस्तान समर्थक संदेश पोस्ट किए गए थे। उदाहरण के लिए, 2019 में दिल्ली बीजेपी की वेबसाइट पर ‘घर में घुस कर मारेंगे’ और ‘क्या मैं भी अभिनंदन की तरह वीर चक्र पा सकता हूँ?’ जैसे संदेश पोस्ट किए गए थे। इसी तरह, 2019 में छत्तीसगढ़ बीजेपी की वेबसाइट पर पाकिस्तान सेना की तस्वीर और युद्ध संबंधी संदेश पोस्ट किए गए थे।
साइबर सुरक्षा की आवश्यकता

इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि साइबर हमले एक गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं, और इनसे निपटने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
मध्यप्रदेश बीजेपी की वेबसाइट पर हुआ यह साइबर हमला एक गंभीर चेतावनी है कि डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साइबर हमलावरों द्वारा की गई यह हरकतें न केवल राजनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाती हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरे की घंटी हैं। ऐसे में, सरकार और संबंधित एजेंसियों को मिलकर मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों से बचा जा सके।

