मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 4 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा के परिणामों पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह निर्णय परीक्षा के दौरान बिजली कटौती और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को हुई कठिनाइयों को देखते हुए लिया गया है। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से 30 जून तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
परीक्षा के दौरान बिजली कटौती से छात्रों को हुई परेशानी

इंदौर शहर के 49 परीक्षा केंद्रों में से 11 केंद्रों पर बिजली गुल हो गई थी, जिसके कारण छात्रों को अंधेरे में परीक्षा देनी पड़ी। कई छात्रों ने मोमबत्तियों और मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में पेपर हल किया। इससे उनकी परीक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कुछ छात्रों ने कोर्ट में याचिका दायर कर इस मुद्दे की जांच की मांग की है।
हाईकोर्ट का निर्णय और आगे की प्रक्रिया
हाईकोर्ट ने NTA, बिजली कंपनी और परीक्षा केंद्रों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक परिणामों की घोषणा नहीं की जाएगी। 30 जून तक सभी संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
छात्रों की चिंताएं और भविष्य की राह
इस घटनाक्रम से छात्रों में असमंजस और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यदि परीक्षा को रद्द किया जाता है, तो छात्रों को एक और मौका मिल सकता है। हालांकि, इस प्रक्रिया में समय लगेगा, जिससे छात्रों की शैक्षणिक यात्रा प्रभावित हो सकती है

