प्रभारी मंत्री पटेल ने विक्रम महोत्सव 2025 के कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विदिशा जिले में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य के जीवन का नाट्य मंचन किया गया।
भारतीय शिक्षा पद्धति का महत्व
प्रभारी मंत्री लखन पटेल ने कहा कि प्राचीन काल से भारतीय शिक्षा पद्धति में जीवन जीने की कला सिखाई जाती रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम आने वाली पीढ़ी को हिंदू कैलेंडर की जानकारी देने का नैतिक दायित्व निभाएं।





नाट्य मंचन की प्रस्तुति
नाट्य मंचन में कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य जी के जीवन का शानदार चित्रण किया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने सराहा।
हिन्दू नववर्ष का सांस्कृतिक महत्व
हिन्दू नववर्ष का सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह एक अवसर होता है। जब हम अपने पुराने वर्षो की कठिनाईयों, संघर्षों और समस्याओं को पीछे छोड़कर, एक नई शुरूआत करते है। यह एक पुनः निर्माण का समय है, जब हम अपने जीवन में सुधार और परिवर्तन लाने का संकल्प करते है।
जल का कोई विकल्प नहीं, आने वाली पीढ़ी को जल भंडार विरासत में दें – प्रभारी मंत्री पटेल

जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ
आज विदिशा जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत हुई, जिसमें प्रभारी मंत्री लखन पटेल ने श्रमदान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य
- स्थान: ग्राम पंचायत लश्करपुर के ग्राम खामखेड़ा
- मुख्य संदेश: जल का कोई विकल्प नहीं, इसलिए हमें आने वाली पीढ़ी के लिए जल के प्रचुर भंडार सुनिश्चित करने चाहिए।
जल संवर्धन की आवश्यकता
पटेल ने बताया कि जल के स्रोत धीरे-धीरे विलुप्त हो रहे हैं, और इसका मुख्य कारण जीर्णोद्वार कार्य का न होना है।
विधायक और कलेक्टर की टिप्पणियां
- विधायक मुकेश टंडन ने जल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें जल स्रोतों को उन्नत करना चाहिए।
- कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने अभियान की महत्वता को समझाते हुए जल के प्रबंधन की जरूरत बताई।
शाला में पहला कदम अभियान का शुभारंभ

नवाचारों की प्रशंसा
प्रभारी मंत्री लखन पटेल ने शासकीय स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को जन सहयोग से किट प्रदान करने की तैयारियों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम की विशेषताएं
- शुरुआत: 1 अप्रैल से
- लक्ष्य: 10,000 बच्चों को किट प्रदान करना
जन सहभागिता की होड़
प्रभारी मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने किट प्रदान करने हेतु सहयोग किया, जिससे जन सहभागिता का माहौल बना।
कार्यक्रम की योजना
इस अभियान के तहत स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों की निगरानी की जाएगी, और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
इन आयोजनों के माध्यम से न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि जल संवर्धन और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
विक्रम महोत्सव 2025 में संस्कृति, शिक्षा और जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण रहा, जिसमें जन सहभागिता और जागरूकता पर जोर दिया गया।

