उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में हाल ही में आग और आतंकी हमलों से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह कदम मंदिर परिसर में हुई पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए, श्रद्धालुओं और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
महाकाल मंदिर में आग से बचाव के लिए मॉक ड्रिल
13 से 16 मई 2025 तक, मंदिर प्रशासन ने कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के लिए आग से बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान, फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग, आग बुझाने की तकनीकों और आपातकालीन प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। एसडीआरएफ और होमगार्ड के मास्टर ट्रेनरों ने इस प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आतंकी हमलों से निपटने के लिए एनएसजी कमांडो की मॉक ड्रिल

सितंबर 2023 में, मंदिर परिसर में एनएसजी कमांडो द्वारा आतंकी हमलों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें हेलीकॉप्टर से कमांडो की तैनाती, क्यूआरटी की त्वरित प्रतिक्रिया और आपातकालीन निकासी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया। यह ड्रिल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम था।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और होमगार्ड की तैनाती
अक्टूबर 2024 में, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और लगभग 500 नए होमगार्ड जवानों की भर्ती की योजना बनाई गई। इन जवानों को मंदिर परिसर का विस्तृत दौरा कराकर, उन्हें विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इस पहल का उद्देश्य मंदिर परिसर में सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करना है।
इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। आग और आतंकी हमलों से निपटने के लिए किए गए इन प्रशिक्षणों और मॉक ड्रिल्स से यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया संभव हो।

