भोपाल। मध्य पूर्व एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के संभावित प्रभावों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने एक तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य प्रदेश में पड़ने वाले प्रभावों की निगरानी करना और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करना है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस समिति में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप को शामिल किया गया है। समिति समय-समय पर बैठक कर भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के आधार पर स्थिति की समीक्षा करेगी। साथ ही मध्य पूर्व एशिया में रह रहे मध्य प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं और उनकी सुरक्षित वापसी से जुड़े मामलों पर भी नजर रखेगी।

जरूरी सामान की सप्लाई पर रहेगी नजर
सरकार द्वारा गठित यह समिति प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सुझाव देगी। इसके अलावा किसी भी संभावित संकट की स्थिति में राज्य सरकार को आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए भी अपनी अनुशंसाएं देगी। समिति में खाद्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सदस्य होंगे, जबकि वित्त, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।

कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में समीक्षा बैठक कर खाद्य और नागरिक आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में खाद्य पदार्थ, गैस और तेल की आपूर्ति को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित न हो और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार के लगातार संपर्क में है।
विदेश में फंसे MP के लोगों की वापसी के प्रयास
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि खाड़ी देशों में काम, पर्यटन या अन्य कारणों से गए मध्य प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। अब तक हेल्पलाइन के माध्यम से 255 लोगों ने संपर्क किया है, जिनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए कार्रवाई की जा रही है।
राज्य सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों को देखते हुए प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

