मध्यप्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में 26 फरवरी को कन्या विवाह का आयोजन होना है, जहां इस आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। वहीं राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियों का सिलसिला शुरू हो चुका है, जहां जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है। वहीं इस आयोजन से पहले कैंसर हॉस्पीटल के उद्घाटन समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी के शामिल होने की चर्चा है।
26 जनवरी को होगा बड़ा आयोजन
26 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बागेश्वर धाम आएंगी। वे विवाह महोत्सव में शामिल होकर 251 निर्धन गरीब कन्याओं को आशीर्वाद देंगी। इस आयोजन में पहली बार 108 आदिवासी कन्याओं की शादी होने जा रही है। मालूम हो कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हर साल सामूहिक विवाह महोत्सव का आयोजन करते हैं। महाशिवरात्रि पर बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव होगा।
बागेश्वर धाम पर होने वाले आयोजन में देश, विदेश सहित राजनीतिक, सामाजिक और कई हस्तियां इस कन्या विवाह में शामिल होकर वर वधू को आशीर्वाद देंगी। इस लेकर तैयारियां जोरों से शुरू हो गई हैं। छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने भी राष्ट्रपति के आने को लेकर धाम पर निरीक्षण शुरू कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि 26 फरवरी तक कोई भी अधिकारी/कर्मचारी छुट्टी पर नहीं रहेगा।
जानकारी के मुताबिक, 26 फरवरी को होने वाले विवाह महोत्सव से पहले बागेश्वर धाम में बनाए जा रहे हाईटेक कैंसर अस्पताल के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की चर्चा है, लेकिन फिलहाल इसे लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 26 फरवरी को जिन दिन बागेश्वर धाम में कन्या विवाह समारोह का आयोजन होना है, उसी दिन महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। बताया जा रहा है की, बागेश्वर सरकार के विशेष आग्रह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कन्या विवाह समारोह में शामिल होने बागेश्वर धाम आ रही हैं।
सामूहिक विवाह का महत्व
सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन समाज में कन्याओं की शादी से संबंधित आर्थिक और सामाजिक बाधाओं को कम करने के लिए किया जाता है। इस प्रकार के समारोहों में कई परिवार एक साथ मिलकर अपनी बेटियों की शादी करते हैं, जिससे खर्च में कमी आती है और समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। राष्ट्रपति का इस समारोह में शामिल होना इस परंपरा को और भी मान्यता प्रदान करता है।
राष्ट्रपति की भूमिका
राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति इस आयोजन की महत्ता को और बढ़ा देती है। उनकी भूमिका केवल एक आधिकारिक अतिथि की नहीं होगी, बल्कि वह इस समारोह के माध्यम से समाज में महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण के प्रति एक मजबूत संदेश भी देंगी। यह उनके द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के विकास के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

