भोपाल, — मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल की पहली फिजिकल कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस मंगलवार से शुरू हो गई है। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टर, एसपी समेत 250 से अधिक आईएएस, आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों से सीधा संवाद कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य विजन 2047 को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं पर खुली चर्चा करना है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस विशेष कॉन्फ्रेंस के लिए कलेक्टर, एसपी, आईजी, संभागायुक्त के साथ-साथ पुलिस कमिश्नर इंदौर और भोपाल, सीईओ जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम और सीईओ स्मार्ट सिटी को भी आमंत्रित किया है।
परफॉर्मेंस रिव्यू: टॉप 5 और बॉटम 5 जिलों की सूची सार्वजनिक होगी
कॉन्फ्रेंस में जिलों के प्रदर्शन पर गहन चर्चा की जा रही है। हर जिले की परफॉर्मेंस रिपोर्ट इस मीटिंग में प्रस्तुत की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का व्यापक रिव्यू किया जाएगा
इन योजनाओं में बेहतरीन और कमजोर प्रदर्शन करने वाले टॉप 5 और बॉटम 5 जिलों के नाम सार्वजनिक होंगे
प्रदर्शन को संबंधित कलेक्टरों की कार्यकुशलता से जोड़ा जाएगा
खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सुधार का मौका या फिर स्थानांतरण का निर्णय लिया जा सकता है
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड भी एजेंडे में
इस बैठक में छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड का मामला भी चर्चा में रहेगा। अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में कुछ विशेष मामलों में कलेक्टरों के कामकाज की गहन समीक्षा की जाएगी।
कड़ा अनुशासन: कलेक्टरों को मिलेंगे सिर्फ 2-3 मिनट
मीटिंग में समय प्रबंधन को लेकर सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। चयनित कलेक्टरों को अपने नवाचार या विशेष कार्यों की जानकारी देने के लिए अधिकतम दो से तीन मिनट का ही समय दिया जाएगा।
व्यवस्था इस प्रकार है:
हर सेक्टर के लिए छह से सात कलेक्टर चयनित किए गए हैं
कलेक्टर फील्ड में आने वाली कठिनाइयों और मुद्दों की जानकारी दे सकेंगे
अपने नवाचार और जिला स्तरीय कार्यों को साझा कर सकेंगे
सुझाव और रचनात्मक समाधान प्रस्तुत कर सकेंगे
आधे घंटे का ओपन डिस्कशन सेशन भी रखा गया है
8 सेक्टर में विभाजित चर्चा
मुख्य सचिव और डीजीपी की उपस्थिति में होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में 8 विभिन्न सेक्टरों में अलग-अलग चर्चा की जा रही है। प्रत्येक सेशन के लिए सवा घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
विषयवार एजेंडे के संयोजक अधिकारी प्रेजेंटेशन देंगे और अपनी टीम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चयनित विषयों पर कलेक्टरों से विस्तृत चर्चा कराएंगे।
प्रमुख फोकस क्षेत्र:
स्थानीय संसाधनों के आधार पर कलेक्टरों द्वारा किए गए नवाचारों पर चर्चा
जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर प्रभावी जनसंवाद
जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर अधिकतम रोजगार सृजन
सरकारी योजनाओं की आम जनता तक आसान डिलीवरी
योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में लगभग 17 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहेंगे
यह कॉन्फ्रेंस मध्यप्रदेश में प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीधे संवाद, प्रदर्शन मूल्यांकन और समयबद्ध लक्ष्यों के साथ यह पहल राज्य में बेहतर शासन व्यवस्था की नींव रखने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह प्रयास न केवल अधिकारियों को जवाबदेह बनाएगा, बल्कि विकास कार्यों में तेजी लाने और आम जनता तक सरकारी योजनाओं की बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित करने में भी सहायक होगा।

