बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। कांग्रेस, राजद और वीआईपी जैसे घटक दलों के बीच सीटों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी राजनीतिक सरगर्मी के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच फोन पर बातचीत हुई है। दूसरी ओर, मुकेश सहनी को लेफ्ट पार्टी माले का समर्थन मिल गया है, जिसने साफ कहा है कि वीआईपी को सम्मानजनक सीटें दी जानी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने महागठबंधन के भीतर सियासी समीकरणों को एक बार फिर गर्मा दिया है।

तेजस्वी यादव को 13 अक्टूबर को दिल्ली में कोर्ट में पेशी करनी है, जिससे संभावना है कि वे पहले ही दिल्ली रवाना हो सकते हैं और वहां राहुल गांधी से मिल सकते हैं। इस बीच, मुकेश सहनी को माले (CPI‑ML) का समर्थन मिल चुका है। माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि सहनी की पार्टी को “सम्मानजनक सीटें” मिलनी चाहिए और उन्होंने गठबंधन में निष्पक्ष बंटवारे की मांग की है।
सहनी को मिला माले का समर्थन
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी सीट शेयरिंग के प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डिप्टी सीएम पद की घोषणा की मांग पर अड़े हैं। वहीं कांग्रेस इस मांग को खारिज करते हुए कह रही है कि चुनाव बाद ही ऐसे निर्णय लिए जाएंगे। इसी बीच भाकपा माले (CPI-ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सहनी का समर्थन करते हुए कहा कि वीआईपी को गठबंधन में “सम्मानजनक सीटें” मिलनी चाहिए और माले को सहनी से कोई परेशानी नहीं है।
इस विवाद के बीच राजद सुप्रीमो लालू यादव ने राबड़ी आवास पर पार्टी की इमरजेंसी बैठक बुलाई है, जिसमें सभी वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। वहीं कांग्रेस ने भी अपनी स्क्रीनिंग कमेटी के साथ ऑनलाइन बैठक की है, जिसमें उम्मीदवारों के नाम और सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लिए जाने की बात सामने आई है।

राष्ट्रीय लोजपा ने किया इनकार
इधर, बाहुबली नेता सूरजभान सिंह के राजद में शामिल होने की अटकलों पर भी विराम लग गया है। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रवक्ता ललन चंद्रवंशी ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सूरजभान अब भी पशुपति पारस के साथ हैं और कहीं नहीं जा रहे। उनकी पार्टी 12 अक्टूबर को पटना में दलित सेना और लोजपा की संयुक्त बैठक आयोजित करने जा रही है, जहां चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।
तेजस्वी लड़ सकते हैं दो सीटों से चुनाव
सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय हो गया है और आज इसका आधिकारिक ऐलान भी हो सकता है। चर्चा है कि तेजस्वी यादव इस बार दो सीटों — राघोपुर और फुलपरास — से चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। शुक्रवार को राबड़ी आवास पर हुई आरजेडी संसदीय दल की बैठक में उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई और अंतिम निर्णय का अधिकार लालू यादव को सौंपा गया।

NDA पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेता मनोज कुमार ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महागठबंधन में कोई बड़ा विवाद नहीं है और सभी दल एकजुट हैं। उन्होंने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां अंदरूनी झमेला गहराया हुआ है और पिछले 20 सालों में बिहार की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल कर दिया गया है।
बिहार महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर फिलहाल टकराव जरूर है, लेकिन बातचीत और समझौते की कोशिशें लगातार जारी हैं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की बैठक से कई उलझे हुए मुद्दे सुलझ सकते हैं। दूसरी ओर, मुकेश सहनी की शर्तें और माले का समर्थन आने वाले दिनों में महागठबंधन की सियासत को नया मोड़ दे सकते हैं।

