मध्यप्रदेश में इस बार मई का महीना मानसून जैसे मिजाज के साथ बीत रहा है। पिछले 24 घंटे में राज्य के 46 जिलों के 170 शहरों व कस्बों में बारिश हुई है। पन्ना में करीब 3 इंच और खरगोन के भगवानपुरा में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा। राजधानी भोपाल और इंदौर में भी दोपहर की गर्मी के बाद बादल छा गए और हल्की बारिश ने राहत दी।
तेज आंधी से तबाही:
बुधवार को रायसेन जिले के मंडीदीप में आई तेज आंधी से 18 बिजली के खंभे उखड़ गए। इससे करीब 60 गांवों में बिजली गुल हो गई। होशंगाबाद रोड पर औबेदुल्लागंज के पास भी बिजली के पोल झुक गए। मुरैना और छतरपुर में पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटे।
मुरैना में टिन की चादर उड़कर महिला के चेहरे पर लगी, जिससे वह घायल हो गई, जबकि छतरपुर में तेज हवा से बुजुर्ग महिला छत से गिरकर घायल हुई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गर्मी का प्रकोप भी जारी:
जहां एक ओर बारिश से राहत मिल रही है, वहीं राज्य के कई हिस्सों में लू भी परेशान कर रही है।
सबसे गर्म स्थान:
- खजुराहो: 46°C
- नौगांव: 45.2°C
- टीकमगढ़: 44.5°C
- गुना: 44.4°C
- ग्वालियर: 44.6°C
भोपाल में तापमान 39.1°C, इंदौर में 36.8°C, जबलपुर में 41°C, और उज्जैन में 38.7°C दर्ज किया गया।
13 जिलों में आंधी-ओले
प्रदेश के 13 जिलों में आंधी के साथ बारिश और कई जगहों पर ओलावृष्टि देखने को मिली। सीहोर के ग्रामीण इलाकों में ओले गिरे, जबकि धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, रायसेन, रीवा, बालाघाट, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग का अलर्ट:

गुरुवार का मौसम अलर्ट:
- लू चलने की संभावना:
ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर - 60 KM/H तक की आंधी का ऑरेंज अलर्ट:
अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ - तेज आंधी-बारिश की चेतावनी:
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, देवास, धार, शहडोल, सिंगरौली, सीधी आदि
इस मौसम की वजह क्या है?
- एक ट्रफ लाइन इस समय मध्यप्रदेश से गुजर रही है।
- साथ ही, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है।
- इसी वजह से आंधी, बारिश और लू का मिला-जुला असर देखा जा रहा है।
मध्यप्रदेश में इस समय मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहां एक ओर गर्मी जानलेवा हो रही है, वहीं दूसरी ओर आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जनता से अपील है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें, खुले में ना निकलें, और जरूरत पड़ने पर ही यात्रा करें।


