पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। पहले यह समस्या आमतौर पर 50–60 साल की उम्र के बाद देखने को मिलती थी, लेकिन अब 25–40 साल के युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार इसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और गलत खानपान है।

क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले
विशेषज्ञ बताते हैं कि आजकल युवाओं की जीवनशैली काफी असंतुलित हो गई है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, जंक फूड का ज्यादा सेवन, धूम्रपान और शराब की आदत दिल की सेहत पर बुरा असर डालती है। इसके अलावा नींद की कमी और मानसिक तनाव भी दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बन रहे हैं। कई मामलों में मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज भी हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा देते हैं।

युवाओं में बढ़ती चिंता
डॉक्टरों का कहना है कि आजकल कम उम्र में ही लोगों की शारीरिक गतिविधि कम हो गई है। मोबाइल और कंप्यूटर पर लंबे समय तक बैठने से शरीर सक्रिय नहीं रह पाता, जिससे दिल की सेहत प्रभावित होती है। कई बार लोग शुरुआती लक्षणों जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
कैसे करें बचाव
हार्ट अटैक से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना, धूम्रपान और शराब से दूर रहना और पर्याप्त नींद लेना दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। साथ ही समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना भी जरूरी है, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग अपनी जीवनशैली में थोड़ा बदलाव करें और सेहत के प्रति जागरूक रहें, तो कम उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

