भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की शुरुआत हो गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 10वीं-12वीं की परीक्षा के कारण यहां आने में देरी हुई, इसके लिए क्षमा चाहता हूं। बच्चों की असुविधा को देखते हुए मैंने अपना कार्यक्रम बदला।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि पूरी दुनिया में चाहे सामान्य जन हों, चाहे नीतिगत जानकार हों, देश हों या फिर संस्थान हों…सभी को भारत से बहुत उम्मीदें हैं। पिछले कुछ हफ्तों में जो कमेंट आए हैं वो भारत के हर निवेशक का उत्साह बढ़ाने वाले हैं। विश्व बैंक ने कहा है भारत आने वाले सालों में ऐसे ही दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोविंग इकॉनॉमी बना रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते दशक में भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर का बूम देखने को मिला है, जिसका सीधा लाभ मध्यप्रदेश (एमपी) को मिला है। उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का एक बड़ा हिस्सा एमपी से होकर गुजरता है, जिससे राज्य में लॉजिस्टिक्स सेक्टर की ग्रोथ निश्चित रूप से होगी। आज एमपी में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे प्रदेश में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है।
पीएम मोदी के भाषण की 10 प्रमुख बातें
- एमपी एव क्रांति के लीडिंग स्टेट में से एक। जनवरी 2025 तक करीब 2 लाख एव एमपी में रजिस्टर्ड हुए।
- एमपी मैन्युफैक्चरिंग के नए सेक्टर्स के लिए भी शानदार डेस्टिनेशन बन रहा है।
- एमपी ने बीते दो दशकों में ट्रांसफॉर्मेशन का नया दौर देखा है।
- भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन सभी का मन मोह लेता है।
- एमपी के 80 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्कीम के तहत मॉर्डन बनाया जा रहा है।
- एमपी में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का रोड नेटवर्क। लॉजिस्टिक से जुड़े सेक्टर की ग्रोथ तय है।
- सरकार ने बीना रिफाइनरी पर 50 हजार करोड़ का निवेश किया है। इससे एमपी को पेट्रो केमिकल का हब बनाने में मदद मिलेगी।
- वर्ल्ड बैंक ने कहा है भारत आने वाले सालों में ऐसे ही दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी बना रहेगा।
- यूएन की एक संस्था ने कहा है कि जहां कई देश सिर्फ बातें करते हैं, वहीं भारत नतीजे लाकर दिखाता है।
- एक रिपोर्ट में बताया है कि ग्लोबल एयरो स्पेस के लिए कैसे भारत एक बेहतरीन सप्लाई चेन के रूप में उभर रहा है।
एमपी ने ट्रांसफॉर्मेशन का नया दौर देखा है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश, जनसंख्या के हिसाब से भारत का पांचवां सबसे बड़ा राज्य है। कृषि क्षेत्र में यह देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है और खनिज संसाधनों के मामले में भी टॉप 5 राज्यों में आता है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध यह प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बीते दो दशकों में एमपी ने व्यापक ट्रांसफॉर्मेशन देखा है, जिससे यह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।
ग्लोबल सप्लाई चेन चैलेंजेस का समाधान भारत में
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक एयरोस्पेस बम्स की सप्लाई चेन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। दुनिया के बड़े उद्योग भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन चैलेंजेस का समाधान मान रहे हैं। यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक क्षमताओं को साबित कर रहा है।
भारत नतीजे लाकर दिखाता है

पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक संस्था ने भारत को सोलर पावर की सुपर पावर के रूप में स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि जहां कई देश सिर्फ बातें करते हैं, वहीं भारत अपने प्रयासों के ठोस नतीजे लाकर दिखाता है।
ईवी क्रांति में एमपी की अग्रणी भूमिका पर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कभी खराब सड़कों के लिए पहचाने जाने वाला मध्यप्रदेश आज इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्रांति के लीडिंग राज्यों में से एक बन चुका है। जनवरी 2025 तक एमपी में करीब दो लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जो 90% की अभूतपूर्व ग्रोथ को दर्शाता है। यह इस बात का संकेत है कि एमपी अब मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों के लिए भी एक प्रमुख डेस्टिनेशन बन रहा है।
भारत पर दुनिया की उम्मीदें
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया को भारत से बहुत उम्मीदें हैं, चाहे वे आम लोग हों, नीति-निर्माता हों, देश हों या वैश्विक संस्थान। हाल के हफ्तों में आईं अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स ने भारत के निवेशकों का उत्साह और बढ़ाया है। विश्व बैंक ने भी कहा है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक विकास पर पीएम मोदी ने कहा कि बीना रिफाइनरी में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश को पेट्रोकेमिकल उद्योग का हब बनाने में सहायता मिलेगी। राज्य में 300 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें पीथमपुर, देवास और रतलाम जैसे प्रमुख स्थानों पर निवेशकों के लिए विशेष औद्योगिक जोन बनाए जा रहे हैं। यह राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जल संसाधन और कृषि में सुधार
उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में नदियों को जोड़ने की परियोजना चलाई जा रही है, जिससे सिंचाई और जल आपूर्ति में सुधार होगा। 45,000 करोड़ रुपये की केन-बेतवा लिंक परियोजना से 10 लाख हेक्टेयर भूमि की उर्वरता बढ़ेगी, जिससे कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
ट्रिपल T ‘टेक्सटाइल, टूरिजम और टेक्नालॉजी पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, पर्यटन और तकनीक जैसे नए क्षेत्रों को निवेश के लिए खोला जा रहा है। इस राज्य को भारत की “कॉटन कैपिटल” कहा जाता है, क्योंकि यह 30% कपास आपूर्ति करता है। मेलबरी कॉटन का सबसे बड़ा केंद्र भी यही है। इसके अलावा, पर्यटन क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं, विशेष रूप से धार्मिक और वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्र में।
उज्जैन और महाकाल लोक: पर्यटन का नया केंद्र
पीएम मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित कर रहा है। उज्जैन स्थित महाकाल लोक, जो महाकाल मंदिर परिसर का एक विस्तारित रूप है, पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रदर्शित करता है।
सीएम ने कहा आज से विश्व में भोपाल की नई पहचान बनेगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल की पहचान गैस त्रासदी से होती थी। आज के बाद भोपाल ग्लोबल रूप से नई पहचान बनाने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संपदा भरपूर है। भोपाल देश की स्वच्छ राजधानियों में से औद्योगिक विकास आए हैं। हमने पांच वर्ष में अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
एक वर्ष पूर्व औद्योगिक विकास की यात्रा रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव प्रारंभ की मुंबई, कोयंबटूर, दिल्ली में कार्यक्रम किए। निवेश नीति पर हम काम कर रहे हैं। 18 नई नीतियां लेकर आए हैं। नियम प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष बना रहे हैं। विभागीय सबमिट हुई है। प्रदेश में निवेश के लिए बहुत सकारात्मक वातावरण है। नए औद्योगिक पार्क बना रहे हैं। पर्यटन के क्षेत्र में आकर संभावनाएं हैं।
