मध्यप्रदेश

MP News: भोपाल में भिक्षावृत्ति पर बैन प्रशासन सख्त मोड पर, सीसीटीवी से भिखारियों पर रखी जाएगी निगरानी

एमपी की राजधानी भोपाल का जिला प्रशासन शहर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए सीसीटीवी से निगरानी करेगा। भीख मांगने और देने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। 3 फरवरी को भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध के निर्देश जारी किए गए थे, जिनके तहत कार्रवाई शुरू की गई।

भोपाल में जिला प्रशासन अब तक भिक्षावृत्ति पर रोक नहीं लगा पाया है। इसको लेकर प्रशासन ने एक आश्रय गृह खोला है, लेकिन यहां भी बमुश्किल 5 से 7 भिखारी पहुंच रहे हैं। जिसके बाद प्रशासन ने दो ​भिखारियों पर एफआईआर करवाई, हालांकि फिर भी भिखारियों पर पर कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है, ऐसे में अब जिला पंचायत ने अपनी तीसरी आंख (CCTV) खोली है।

भिख लेने—देने वालों की कैमरों से करेंगे पहचान

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बैठक लेकर भिखारियों पर (CCTV) कैमरों से नजर रखने पर निर्णय लिया है। भोपाल स्मार्ट सिटी (Bhopal Smart City) के ट्रैफिक सिग्नलों पर लगे कैमरों से भिखारियों पर नजर रखेंगे। जिससे भिक्षा देने और लेने वालों की पहचान की जाएगी। उनके खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर की जाएगी।

कलेक्टर—पुलिस आयुक्त के संदेश प्रसारित करेंगे

सभी ट्रैफिक सिग्नलों पर ऑडियो-वीडियो विजुअल्स के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिसमें भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर और पुलिस आयुक्त का संदेश प्रसारित किया जाएगा। नगर निगम भोपाल की डोर- टू डोर कचरा कलेक्शन गाड़ियों पर भी भिक्षावृत्ति उन्मूलन के संदेश चलाए जाएंगे।

ट्रैफिक सिग्नल पर देख सकते हैं ​भिखारी

भोपाल जिला प्रशासन ने 3 फरवरी से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत सभी प्रकार की भिक्षावृत्ति, दान देने और भिखारियों से सामान खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन भोपाल में इसका कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है, अभी भी ट्रैफिक सिग्नल के आसपास भिखारी देखे जा सकते हैं।

पांच विभागों का संयुक्त दल करेगा औचक निरीक्षण

जिला प्रशासन द्वारा सामाजिक न्याय विभाग, महिला एवं बाल विकास, श्रम, नगर निगम और पुलिस विभाग के संयुक्त दल बनाए गए हैं, जो एसडीएम की मॉनीटरिंग में ऐसे स्थानों का औचक निरीक्षण करेंगे, जहां सबसे ज्यादा भिखारियों का जमावडा होता है, यहां भिख लेने और देने वालों पर कार्रवाई करेंगे।

धर्मगुरुओं की मदद से मंदिर, मस्जिद में फैलाएंगे संदेश

समाज में जागरूकता लाने के लिए शांति समिति की बैठक में धर्मगुरुओं को आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें उन्हें समाज में भिक्षावृत्ति पर रोक के लिए मंदिर, मस्जिदों सहित अन्य धार्मिक स्थालों के आसपास संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए सामाजिक न्याय विभाग जिले के सभी अनुविभागीय क्षेत्रों में एक टीम गठित करेगा।

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