मध्यप्रदेश

MP Free Laptop Scheme: सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए राहत, 21 फरवरी को मिलेगा लैपटॉप खरीदने के लिए फंड

MP Free Laptop Scheme: मोहन सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान करने की योजना को मंजूरी दे दी है।
मोहन सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

मोहन सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत, पिछले साल 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 21 फरवरी को राशि जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  भोपाल में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 89,700 विद्यार्थियों के खातों में 224 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित करेंगे।

प्रत्येक छात्र को मिलेंगे 25 हजार रुपये

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रत्येक मेधावी छात्र को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों के खातों में यह राशि पहले ही जारी कर दी गई है, ताकि वे कार्यक्रम के दिन लैपटॉप लेकर पहुंच सकें। मुख्यमंत्री इस दिन छात्रों को सांकेतिक रूप से लैपटॉप वितरित करेंगे।

सीधे खाते में राशि भेजने से भ्रष्टाचार पर अंकुश

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छात्रों के खातों में सीधे राशि भेजने से वे अपनी पसंद का लैपटॉप खरीद सकते हैं। इस प्रक्रिया से भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती है।

14 साल में मेधावी छात्रों की संख्या तीन गुना हुई

12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने की योजना साल 2009-10 में शुरू की गई थी। उस समय ऐसे छात्रों की संख्या 20 से 25 हजार के बीच थी, लेकिन पिछले 14 सालों में यह संख्या बढ़कर 90 हजार तक पहुंच गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना के कारण ही प्रदेश में मेधावी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2023-24 की कक्षा 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले 89,710 प्रतिभाशाली छात्रों के खातों में 224 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित करेंगे।

टॉपरों को मिल चुकी है स्कूटी

इससे पहले, 5 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी के कुशाभाउ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सरकारी स्कूलों के 7800 टॉपर छात्रों के खातों में स्कूटी खरीदने के लिए राशि हस्तांतरित की थी।

इन छात्रों को ई-स्कूटी या पेट्रोल स्कूटी खरीदने का विकल्प दिया गया था। ई-स्कूटी खरीदने वाले छात्रों को 1.10 लाख रुपये और पेट्रोल स्कूटी खरीदने वाले छात्रों को 90 हजार रुपये दिए गए। इस पहल पर सरकार ने करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए।

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