भोपाल में एमपी के सबसे लंबे डॉ. भीमराव अंबेडकर फ्लाईओवर (गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक) पर पीडब्ल्यूडी 2 बड़े बदलाव करने जा रहा है। पहला थर्ड आर्म पर सिग्नल और दूसरा शौर्य स्मारक चौराहे पर सिग्नल की टाइमिंग बढ़ाना। गणेश मंदिर के पास डिवाइडर नहीं हटेगा। पुलिस ने डिवाइडर हटने की स्थिति में एक्सीडेंट होने की संभावना जताई है।
23 जनवरी को इस ब्रिज का लोकार्पण हुआ था। CM डॉ. मोहन यादव ने ब्रिज का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया था। इसके बाद एमपी नगर की मुख्य सड़क से गुजरने वाला 60% ट्रैफिक ब्रिज पर डायवर्ट हो गया है। जिससे जाम से बड़ी राहत मिली है।
मुख्य रोड पर सिटी बसें, ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी समेत वे ही गाड़ियां दिखाई दे रही हैं, जो एमपी नगर के अलावा न्यू मार्केट, आईएसबीटी, रायसेन रोड, अवधपुरी, अयोध्या बायपास की ओर आ-जा रही हो। दूसरी ओर, ब्रिज पर 3 ऐसी बड़ी चुनौतियां हैं, जो लोगों को भारी पड़ रही है। पीडब्ल्यूडी ने इन चुनौतियों को दूर करने की बात कही है।

गायत्री मंदिर की तरफ उतर रही थर्ड आर्म
ब्रिज की लंबाई पौने 3 किमी है, जो गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक जाता है। एक लेन अरेरा पहाड़ी (शौर्य स्मारक चौराहा) तक जाती है। जब ये तीनों लेग एक-दूसरे से जुड़ती हैं तो यहां पर सिग्नल नहीं लगे हैं। ऐसे में तेज रफ्तार में टर्न लेने पर गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा रही है। यहां रोटरी और सिग्नल दोनों की जरूरत है। इस बारे में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (ब्रिज) जावेद शकील ने बताया, ब्रिज की थर्ड आर्म पर सिग्नल लगा रहे हैं। इसी सप्ताह सिग्नल लगा दिए जाएंगे।
गणेश मंदिर का कट पाइंट नहीं हटेगा
फ्लाईओवर का एक सिरा गणेश मंदिर पर उतरता है। इसके आगे वीर सावरकर ब्रिज है। पहले सड़क के बीच में डिवाइडर नहीं बना था। इसलिए लोग राइट टर्न लेकर अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट, बिट्ठन मार्केट, कोलार रोड, शाहपुरा की ओर मुड़ जाते थे, पर अब बीचोंबीच डिवाइडर बना दिया गया है। ऐसे में इन जगहों पर जाने के लिए वीर सावरकर ब्रिज होते हुए आना पड़ रहा है।
इससे करीब 2 किमी का अतिरिक्त फेरा लग रहा है। मंदिर के पास सिग्नल लगाकर ट्रैफिक को रोका जा सकता है। इसे लेकर पीडब्ल्यूडी ने पुलिस से सुझाव मांगा था। ईई शकील ने बताया, डिवाइडर हटने की स्थिति में एक्सीडेंट हो सकते हैं। पुलिस ने डिवाइडर नहीं हटाने का सुझाव दिया है।
सिग्नल की टाइमिंग बढ़ाने पर विचार
ब्रिज की कुल 3 लेग है। इनमें पहली गणेश मंदिर, दूसरी गायत्री मंदिर और तीसरी भोपाल हाट के पास शौर्य स्मारक चौराहे पर है। तीसरी लेग पर गाड़ियों को उतरने और टर्निंग में दिक्कतें आ रही हैं। यहां बीच में रोटरी बनाए जाने की जरूरत है।
पीडब्ल्यूडी ने यहां लगे सिग्नल की टाइमिंग बढ़ाने का निर्णय लिया है। ऐसे में दो ओर से आने वाली गाड़ियों को दूसरी ओर जाने के लिए समय मिल जाएगा। अभी 25 सेकेंड ही मिल रहे हैं। इसे 15 सेकेंड बढ़ाया जा सकता है।

लागत को लेकर खड़े हुए सवाल
दूसरी ओर, ब्रिज की लागत को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। गायत्री मंदिर वाली आर्म के पास जहां सीएम ने फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। वहीं आमने-सामने दो बोर्ड लगे हैं। एक पर लागत 126 और दूसरे पर 140 करोड़ रुपए लिखी है। उधर, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने लागत तकरीबन 154 करोड़ बताई है। अलग-अलग लागत बताने वाले बोर्ड लोकार्पण के बाद चर्चा में रहे। हालांकि, जानकारों का कहना है कि कुल लागत जीएसटी आदि को जोड़कर 154 करोड़ बताई गई है।
एमपी नगर में ट्रैफिक का दबाव कम
फ्लाईओवर पर ट्रैफिक शुरू होने के बाद गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर की दूरी सामान्य गति से करीब 5 मिनट में पूरी हो रही है। पहले यह 25 से 30 मिनट तक लगते थे। ब्रिज के ऊपर एक भी सिग्नल नहीं है, जबकि एमपी नगर की मुख्य रोड पर बोर्ड ऑफिस चौराहा और बीजेपी ऑफिस के पास दो सिग्नल है। बीच में एक जगह पर और ट्रैफिक रोका जाता है। इसलिए टाइमिंग ज्यादा हो जाती है।
खुली जीप में ब्रिज से गुजरे थे सीएम
ब्रिज के लोकार्पण के बाद सीएम डॉ. यादव का काफिला मैदा मिल वाले आर्म से ब्रिज पर चढ़ा और डीबी मॉल के सामने से टर्न लेकर भोपाल हाट वाले आर्म पर उतरा। सीएम खुली जीप में सवार थे। मंत्री राकेश सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी खुली जीप में सवार थे।

3 किमी की दूरी सिर्फ 5 मिनट
में इस ब्रिज से एमपी नगर का 60 प्रतिशत ट्रैफिक यानी 6 हजार गाड़ियां हर दिन गुजर रही है। करीब पौने 3 किमी दूरी तय करने में अब 5 मिनट का समय लग रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम ने की ये घोषणाएं भी…
- सीएम ने फ्लाईओवर का नाम डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ब्रिज रखा।
- भोपाल में बावड़िया कला में 180 करोड़ से फ्लाईओवर बनेगा। महेश्वर में हुई कैबिनेट मीटिंग में यह प्रस्ताव पास कर दिया गया है।
- भोपाल, रायसेन, विदिशा और सीहोर को जोड़कर राजधानी की वृहद योजना ला रहे हैं।
- एमपी में पुल, पुलिया और सड़कों के लिए गुजरात मॉडल लागू करेंगे।
यह भी पढ़े : https://breakingnewswala.com/mp-rto-constable-arrest/#google_vignette
