मध्यप्रदेश

MP News: मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, 9 जून को पीएम मोदी के कार्यकाल के 11 साल पर विशेष आयोजन

मध्यप्रदेश सरकार ने पचमढ़ी में ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के प्रसिद्ध पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण्य का नाम अब राजा भभूत सिंह के नाम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसे राज्य की जनजातीय विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

राजा भभूत सिंह: नर्मदा अंचल के शिवाजी

राजा भभूत सिंह को नर्मदा अंचल का शिवाजी कहा जाता है। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में तात्या टोपे के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला था। सतपुड़ा की वादियों में आजादी की मशाल जलाने वाले इस वीर सेनानी की स्मृति में पचमढ़ी में आयोजित यह कैबिनेट बैठक ऐतिहासिक महत्व रखती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राजा भभूत सिंह ने ऋषि शांडिल्य की तपोभूमि सांडिया के पास नर्मदा नदी पार कर तात्या टोपे के साथ योजना बनाई थी। उन्होंने जनजातीय समाज को स्वतंत्रता संग्राम में शामिल किया और सतपुड़ा क्षेत्र में संगठित संघर्ष को नेतृत्व दिया।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले:

  • राजा भभूत सिंह के नाम पर पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण्य का नामकरण
  • 5 जून को उज्जैन में वेलनेस समिट का आयोजन
  • 9 जून को पीएम मोदी के कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर राज्यभर में आयोजन
  • राजस्व विभाग में 500 पद समाप्त कर 1200 नए पदों का सृजन, आईटी आधारित समाधान को प्राथमिकता
  • प्रमुख राजस्व आयुक्त और आयुक्त अभिलेख को मर्ज कर नया पद – कमिश्नर लैंड रिसोर्स मैनेजमेंट
  • श्रम विभाग में बदलाव, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में रात में काम करने की अनुमति
  • इंदौर IIT में एग्रो टेक्नोलॉजी हब की स्थापना – कृषि स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

पीएम मोदी को मुख्यमंत्री ने जताया आभार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया कि उन्होंने इंदौर मेट्रो परियोजना की शुरुआत के साथ-साथ सतना और दतिया को हवाई अड्डे की सौगात दी। साथ ही महिला सशक्तिकरण के प्रयासों और जल गंगा संवर्धन अभियान में खंडवा को देश में सर्वश्रेष्ठ जिला घोषित किए जाने पर भी खुशी जताई।

विवाद और अनुपस्थिति भी चर्चा में

जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह लगातार तीसरी बार कैबिनेट बैठक से अनुपस्थित रहे। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान के चलते सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच चल रही है, जिससे उनका नाम चर्चा में है।

पचमढ़ी में विकास कार्यों का लोकार्पण

कैबिनेट बैठक के साथ मुख्यमंत्री 33.88 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। इनमें पर्यटन, जनजातीय कल्याण, और वन्य संरक्षण के प्रोजेक्ट शामिल हैं।

पचमढ़ी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पचमढ़ी मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। यह सतपुड़ा की गोद में बसा प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र है। पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के कार्यकाल में भी यहां कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। साथ ही बीजेपी के चिंतन शिविर भी यहीं आयोजित किए गए हैं।

राजा भभूत सिंह के नाम पर पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण्य का नामकरण न केवल जनजातीय विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य सरकार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने की पहल का भी परिचायक है। आगामी 9 जून को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 11 साल पूरे होने पर विशेष आयोजन इस फैसले को और भी राजनीतिक और भावनात्मक महत्व देगा।

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