सिंहस्थ में अमृत स्नान यानी प्रमुख स्नान दिवस पर करोड़ों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। इनमें से जितने भी श्रद्धालु महाकालेश्वर के दर्शन के लिए आएं, उन्हें सुलभ दर्शन हो। उन्हें प्रवेश से लेकर निर्गम तक कोई असुविधा न हो, इसे ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं की जाना चाहिए।
अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने सोमवार को महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचकर सपत्नीक महाकालेश्वर का पूजन अर्चन किया। महाकाल मंदिर समिति की ओर से डॉ. राजौरा का सम्मान किया गया। डॉ. राजौरा ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग परिसर में किए जा रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। सबसे पहले उन्होंने टनल का पश्चिमी भाग देखा। यहां टाइल्स लगाने का काम अंतिम चरण में है। उन्होंने अफसरों से निर्माण और दर्शन व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने टनल के बाहर निकलकर पैदल बड़ा गणेश मंदिर के सामने से शिखर दर्शन व्यवस्था जानी।

वहां से सामान्य दर्शनार्थियों के निर्गम मार्ग की ओर से ओंकारेश्वर मंदिर के सामने से होकर ओंकारेश्वर मंदिर के सामने बनाए जा रहे वेटिंग और होल्डिंग एरिया का निरीक्षण किया। अफसरों ने उन्हें निर्माण कार्यों के साथ दर्शन व्यवस्था के बारे में बताया कि पर्व, त्योहार पर इसका उपयोग किया जाएगा। डॉ. राजौरा ने टनल के पूर्वी भाग का भी निरीक्षण किया। यहां से बाहर आकर वे पालकी द्वार से महाराजवाड़ा परिसर पहुंचे। परिसर के अंदर और बाहर दोनों ओर निरीक्षण किया।
अफसरों के साथ निरीक्षण के दौरान राजौरा ने विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ समय सीमा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी प्लानिंग है, उसके अनुसार काम को आगे बढ़ाएं। उन्हें इस तरह करें कि आने वाले वर्षों में कोई परेशानी ना आएं। चाहे बात मार्गों के विस्तार की हो या चौड़ीकरण की। हर तरह के काम को करने से पहले उसकी आवश्यकता जरूर देखें। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को यहां आकर अच्छा अनुभव हो इसका भी प्रयास करें। वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग सुनिश्चित करें। स्नान के लिए घाट के आसपास व्यवस्थाएं जुटाने की जरूरत है। ऐसे काम करें जो जनता से जुड़े हो। सिंहस्थ आस्था का पर्व है, बाहर से आने वाले हर श्रद्धालु को यहां पर अपनापन और जरूरी सुविधा मिले, इसके लिए अभी से प्रयास करने की जरूरत है।
ई-कार्ट में बैठकर शंकराचार्य चौराहा पहुंचे महाराजवाड़ा में बनाए जा रहे पर्यटन विभाग के होटल का जायजा लेने के बाद डॉ. राजौरा अफसरों के साथ ई-कार्ट में बैठक शंकराचार्य चौराहा पर पहुंचे। बीच में उन्होंने बड़ा गणेश से शिप्रा नदी तक प्रस्तावित मार्ग की भी जानकारी ली। शंकराचार्य चौराहा पर कलेक्टर नीरज कुमार सिंह और उविप्रा सीईओ संदीप सोनी ने गूगल मैप की मदद से उन्हें सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित अलग-अलग मार्गों के बारे में बताया।
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