मध्यप्रदेश

MP News: मध्यप्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात, 2600 रु. प्रति क्विंटल पर 15 मार्च से होगी गेहूं की खरीद

MP News: मध्य प्रदेश सरकार किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन करेगी। साथ ही किसानों को 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। उपार्जन केंद्रों में गेहूं की खरीदी 15 मार्च से 5 मई तक की जाएगी। राज्य सरकार 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी, जिसमें 2425 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य और 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस शामिल है।

सीहोर में 59,141, उज्जैन में 56,805, विदिशा में 30,556, रायसेन में 31,197, राजगढ़ में 31,171, इंदौर में 27,075 भोपाल में 17,182, धार में 15,940 और आगर-मालवा में 14,469 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

किसानों का आईडी बनाने का टारगेट

राज्य में किसानों की एक करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य है। अब तक 58 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। टारगेट को पूरा करने के लिए कलेक्टरों को जिलों में कैम्प लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को होगा फायदा

भारत सरकार और किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री-स्टेक योजना के तहत प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर किसान और भूमिस्वामी को एक यूनीक आईडी प्रदान की जा रही है।

इससे किसानों को ऑनलाइन लोन प्रोसेस पूरी करने में आसानी होगी। सरकार के लिए भी हितग्राही योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण और सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

नोडल अधिकारी के रूप में कलेक्टर की भूमिका

कलेक्टर को जिला नोडल अधिकारी और भू-अधीक्षक को सहायक जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है। सहायक नोडल अधिकारी कैंप की जानकारी अपडेट करने, समन्वय और अधिकारियों के दौरे की व्यवस्था की जाएगी। शिविर आयोजित कर आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा जारी निर्देशों का पालन किया जाएगा।

हर कैम्प में सरकार द्वारा 15 हजार रुपए दिए जाएंगे। पहले 15% पर 5000, दूसरे 15% पर 5000 और आखिरी 20% फार्मर आईडी पर 5000 रुपए मिलेंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मार्च 2025 तक यह काम पूरा किया जाना है। गांवों के क्लस्टर से पीएम किसान डेटाबेस में कम से कम 50 प्रतिशत किसानों को रजिस्टर करना होगा।

क्यों कराया जा रहा रजिस्ट्रेशन

राज्य के किसानों की आधार लिंक्ड रजिस्ट्री तैयार की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभ पाने वालों का सत्यापन और कृषि उत्पादों की बिक्री आसान होगी। मोहन यादव सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सकेगा। कृषकों के लिए लोन, वित्त और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए सेवाओं की उपलब्धता में सरलता होगी।

किसानों को होने वाले फायदे

प्रधानमंत्री किसान योजना की किस्त आसानी से प्राप्त होगी। किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड और कृषि लोन आसानी से मिलेंगे। फसल बीमा का लाभ आसानी से मिलेगा। एमएसपी पर खरीदी में किसानों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगा।

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