सागर ज़िले में चना, मसूर, सरसों और गेहूं की फसल का उपार्जन तो हो गया, लेकिन किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इस पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने गहरी नाराज़गी जताई और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
देरी की असली वजह: सर्वेयर और ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही
जांच में सामने आया कि दलहन फसलों (चना, मसूर, सरसों) के सर्वे में सर्वेयर एजेंसियों की लापरवाही, और गेहूं के परिवहन में ट्रांसपोर्टरों की सुस्ती भुगतान में देरी का मुख्य कारण है। इस पर मंत्री ने सर्वेयर एजेंसी पर FIR और ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्ट करने का सख्त आदेश दिया।
सार्वजनिक मंच से फटकार: “किसानों के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
खाद्य मंत्री ने मौके पर मौजूद ट्रांसपोर्टरों को सख्त लहजे में फटकार लगाते हुए कहा कि उपार्जन की प्रक्रिया में कोई भी कोताही किसानों के हक़ में कटौती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को फील्ड में उपस्थित रहने और समस्याओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया।
“उपज बेचने के 7 दिन के भीतर भुगतान अनिवार्य
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्देश दिया कि किसान द्वारा उपज बेचने के सात दिन के अंदर भुगतान किया जाए। उन्होंने जिला विपणन अधिकारी और नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक को निर्देश दिए कि यदि यह नियम टूटे, तो कार्रवाई तय है।
बारदाने की कमी पर तुरंत कार्रवाई, पश्चिम बंगाल से भेजवाया रैक
जब मंत्री को बताया गया कि सागर में बारदाने की कमी है, तो उन्होंने तुरंत एक पूरी ट्रेन (रैक) बारदाना पश्चिम बंगाल से मंगवाने का आदेश दिया। साथ ही अन्य जिलों से ट्रकों के जरिए भी बारदाने की आपूर्ति सुनिश्चित करवाई गई। इससे जिले में इस समस्या का स्थायी समाधान हो गया।
24×7 कंट्रोल रूम और निगरानी तंत्र के निर्देश

खाद्य मंत्री ने आदेश दिया कि जिले में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जो उपार्जन की हर गतिविधि पर नजर रखे। इससे किसान अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और प्रशासन तुरंत प्रतिक्रिया दे सकेगा।
“प्रदेश सरकार किसानों के साथ है”
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चेताया कि कोई भी कर्मचारी अगर उपार्जन व्यवस्था में बाधा बनेगा, तो कठोर कार्रवाई होगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को राहत देना और उनकी मेहनत का पूरा मूल्य देना है।
निष्कर्ष: अब देरी नहीं, तय समय पर मिलेगा मेहनत का मूल्य
खाद्य मंत्री के सख्त रुख के बाद उम्मीद है कि सागर समेत पूरे प्रदेश में किसानों को समय पर भुगतान मिलना शुरू हो जाएगा। साथ ही प्रशासनिक सुस्ती और संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं भी नियंत्रित होंगी।
मुख्य निर्देशों की झलक:
- सर्वेयर एजेंसी पर FIR
- ट्रांसपोर्टर ब्लैकलिस्ट
- 7 दिन में भुगतान अनिवार्य
- बारदाने की तत्काल आपूर्ति
- 24×7 कंट्रोल रूम
- अधिकारी फील्ड पर मौजूद रहें

