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MP News: मध्यप्रदेश में जल्द शुरू होगी नई शिक्षा नीति, सरकारी स्कूलों में नर्सरी से लिए जायेंगे एडमिशन

MP News: मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग 1 अप्रैल से प्रवेश उत्सव अभियान चलाएगा। 5वीं पास करने वाले बच्चे की जिम्मेदारी हेड मास्टर की होगी कि वो 6वीं में दूसरे स्कूल में एडमिशन जरूर ले।

मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूल से पांचवी क्लास पास होने वाले बच्चे का छठवीं क्लास में एडमिशन की जिम्मेदारी हेड मास्टर की होगी। उन्होंने ये भी कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों में नर्सरी में बच्चों को भेजने का प्रावधान कर रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में नर्सरी क्लास

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप ने कहा कि सरकारी स्कूल में 6 साल के बच्चे को स्कूल में पहली क्लास में लेते हैं। लोग सोचते हैं कि बच्चों को नर्सरी में स्कूल भेजें। नई शिक्षा नीति के तहत हमने बदलाव किया है। सबसे पहले हमने नर्सरी की कक्षा शुरू की है। 5 हजार सरकारी स्कूलों में नर्सरी क्लास शुरू कराई है। इसे और बढ़ाएंगे। एडमिशन की प्रक्रिया को बदल रहे हैं। धीरे-धीरे बदलाव लाएंगे।

1 अप्रैल से प्रवेश उत्सव अभियान

मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से सभी जिलों में प्रवेश उत्सव अभियान चलेगा। प्रवेश उत्सव अभियान में हम मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से शामिल होने का आग्रह करेंगे। प्रवेश उत्सव अभियान के सभी लोग सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए बच्चों ओर उनके अभिभावकों से चर्चा करेंगे।

30 सितंबर तक 6 साल के होने वाले बच्चों को एडमिशन

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि अभी तक 30 अप्रैल तक 6 साल पूरे करने वाले बच्चों को एडमिशन दिया जा रहा था। अब 30 सितंबर को जो बच्चे 6 साल के होंगे उन्हें भी एडमिशन दिया जाएगा। पिछले साल बच्चों की संख्या में कमी आई थी उसमें भी बढ़ोतरी होगी।

स्कूल के हेड मास्टर को नई जिम्मेदारी

पांचवीं तक बच्चा पढ़ता है। इसके बाद उसे टीसी दे देते हैं। इसके बाद बच्चा कहां जाएगा ये हमें पता नहीं होता है। इसमें हम एक परिवर्तन कर रहे हैं। 5वीं के बाद बच्चा जब निकलकर जाएगा तो प्राइमरी स्कूल का हेडमास्टर मिडिल स्कूल के हेड मास्टर से संपर्क करेगा और उसकी जिम्मेदारी बच्चे का एडमिशन आगे कराने की होगी। हैंडओवर-टेकओवर का प्रोसेस रहेगा।

अगर बच्चे के पेरेंट्स अगर ध्यान नहीं दे रहे हैं तो स्कूल का प्रिंसिपल बच्चे की चिंता करेगा। हम अपने कर्मचारियों को इसमें शामिल कर रहे हैं कि वे इसकी चिंता करें कि बच्चे का एडमिशन अगले स्कूल में हो जाए।

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