मध्यप्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा में आयोजित 23वें पुण्य विवाह सम्मेलन में गुरुवार को लगभग 3000 जोड़ों ने सामूहिक विवाह के बंधन में बंधकर एक नई शुरुआत की। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं शामिल हुए और समाज को पुनर्विवाह की मानवीय सोच अपनाने का संदेश दिया।
सीएम यादव का भावुक संबोधन: “बहनों का पुनर्विवाह समाज की जिम्मेदारी”

मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि यदि किसी महिला का पति उसे छोड़ देता है या असमय मृत्यु हो जाती है, तो समाज और सरकार की संवेदनशील जिम्मेदारी बनती है कि उसे दोबारा सम्मानपूर्वक जीवन साथी दिया जाए। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्वज इस बात को समझते थे और बहुओं के पुनर्विवाह को अपनाते थे। हमें इस परंपरा का सम्मान करना चाहिए।”
25 हजार कन्याओं का विवाह: गिनीज बुक में दर्ज रिकॉर्ड
रहली विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा वर्ष 2001 से प्रारंभ किए गए इस पुण्य विवाह सम्मेलन में अब तक 25,000 से अधिक कन्याओं का विवाह हो चुका है। यह प्रयास गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है, जो इस आयोजन की ऐतिहासिकता और सामाजिक योगदान को दर्शाता है।
पारंपरिक रस्मों के साथ हुआ आयोजन

सम्मेलन के पूर्व हल्दी और मेहंदी की रस्में, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित की गईं। भाजपा नेता अभिषेक भार्गव ने बताया कि आयोजन को भव्य रूप देने के लिए महीनों से तैयारियां चल रही थीं। सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम इस भव्य आयोजन का साक्षी बना।
सामाजिक समरसता का प्रतीक बन रहा सम्मेलन
यह सम्मेलन धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर एक सामूहिक सामाजिक अभियान बन चुका है, जो मुख्यमंत्री की उपस्थिति और समर्थन से और भी सशक्त हुआ है। यह आयोजन समाज के वंचित वर्गों को सम्मान, सुरक्षा और नवजीवन देने की दिशा में एक प्रेरणास्पद पहल है।
गढ़ाकोटा का पुण्य विवाह सम्मेलन अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। सरकार और समाज की साझेदारी से यह आयोजन नारी सम्मान, पुनर्विवाह की स्वीकृति और सामाजिक सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इस आयोजन में शामिल होना सरकार की जनकल्याण और सामाजिक समरसता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

