मध्यप्रदेश से भाजपा के तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी Mahesh Kewat ने सोमवार को विधानसभा स्थित निर्वाचन कार्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंदिर दर्शन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्होंने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वीडी शर्मा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विधायक अनिल जैन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे। महेश केवट के नामांकन के जरिए भाजपा ने एकजुटता और संगठनात्मक ताकत का बड़ा संदेश देने की कोशिश की। पार्टी नेतृत्व ने यह संकेत दिया कि पूरा संगठन और विधायक दल महेश केवट के साथ मजबूती से खड़ा है और उन्हें राज्यसभा पहुंचाने के लिए पूरी ताकत लगाएगा।

हालांकि राजनीतिक गणित अभी भी बेहद दिलचस्प बना हुआ है। भाजपा के पास अपने तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए आवश्यक संख्या नहीं है। ऐसे में महेश केवट की जीत के लिए पार्टी को क्रॉस वोटिंग या बोले तो अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ रही है। सियासी गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कैसे भाजपा महेश केवट के लिए पर्याप्त वोटों जुटाएगी और वो कौन कांग्रेस विधायक होंगे जो क्रॉस वोटिंग कर सकते है ?
राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर अब मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा जहां जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही है, वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह चुनाव सिर्फ संख्या का नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति और विधायकों की निष्ठा की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

