भोपाल

MP News: भोपाल में नए ट्यूबवेल बोरिंग खनन पर लगी पाबंदी, उल्लंघन करने पर मिलेगी 2 साल तक की सजा

भोपाल में नए ट्यूबवेल बोरिंग खनन पर पाबंदी लगा दी गई है, जिससे जल संकट की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। इस नियम का उल्लंघन करने पर अपराधी को दो साल तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

गर्मी बढ़ते ही जल संकट के संकेत मिलने लगे हैं। लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब 30 जून 2025 तक भोपाल जिले में कोई भी निजी ट्यूबवेल (नलकूप) नहीं खुदवाया जा सकेगा। इसको लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को सख्त आदेश जारी किए हैं।

क्यों लगा ट्यूबवेल खनन पर बैन?

सोमवार को हुई समयावधि (टीएल) बैठक में जिले के सभी एसडीएम ने बताया कि भूजल स्तर खतरनाक तरीके से गिर रहा है। अगर इसी तरह पानी निकाला गया, तो आने वाले महीनों में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। इसी आशंका के चलते यह निर्णय लिया गया है।

निजी ट्यूबवेल पर पूरी तरह रोक

मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 6(1) के तहत जिले में किसी भी निजी नलकूप की खुदाई नहीं की जा सकेगी। एसडीएम की इजाजत के बिना कोई भी बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश नहीं कर पाएगी।

सिर्फ रास्ते से गुजरने की छूट

अगर कोई मशीन सिर्फ सार्वजनिक सड़कों से गुजर रही है और खनन नहीं कर रही है, तो उसे रोका नहीं जाएगा।

अवैध बोरिंग पर सख्त कार्रवाई

अगर कोई व्यक्ति या ठेकेदार चोरी-छिपे बोरिंग करता पाया गया, तो उस पर FIR दर्ज होगी। मशीन जब्त कर ली जाएगी और दोषी को-

  • दो साल तक की जेल
  • दो हजार रुपए तक का जुर्माना
    या दोनों सजा हो सकती है।

शासकीय योजनाएं इससे बाहर

इस रोक का असर सिर्फ निजी नलकूपों पर पड़ेगा। पीएचई या अन्य शासकीय योजनाओं के तहत चल रहे जल कार्यों को इसकी छूट दी गई है। उन्हें अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।

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