देशभर के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा के तनाव को कम करने और उन्हें प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर ‘परीक्षा पे चर्चा’ की। इस खास संवाद कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के 18 लाख 27 हजार स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
परीक्षा पे चर्चा के आठवें एडिशन में पीएम नरेंद्र मोदी दसवीं ओर बारहवीं के स्टूडेंट्स से बोर्ड एग्जाम्स को लेकर बातचीत की। यह कार्यक्रम राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया।
पीएम ने स्टूडेंट्स से कहा- सबसे पास दिन में 24 घंटे ही होते हैं। कोई इतने ही समय में सब-कुछ कर लेता है, तो कोई यही कहता रहता है कि समय नहीं है। ऐसे में टाइम मैनेजमेंट सीखना बहुत जरूरी है।
इस साल यह इवेंट नए इंटरैक्टिव फॉर्मेट में हो रहा है। इस बार इसमें कई सेलिब्रिटीज भी हिस्सा ले रहे हैं। पूरा इवेंट 8 एपिसोड में बांटा गया है जिसमें अलग-अलग फील्ड की 12 हस्तियां बच्चों के सवालों का जवाब देंगी।

भोपाल में स्टूडेंट्स ने देखा लाइव प्रसारण
राजधानी भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट स्कूल में इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। इस बीच स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल और अन्य अधिकारी विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे।
प्रदेशभर में इस कार्यक्रम को अधिकतम विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) में लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है। स्कूलों में टीवी के अलावा कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल डिवाइस पर भी इसे देखा जा सकेगा।

2018 से चल रही है यह अनूठी पहल
‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत 2018 में हुई थी। यह आठवीं बार है जब प्रधानमंत्री मोदी स्टूडेंट्स के साथ परीक्षा से जुड़ी उनकी चिंताओं और चुनौतियों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण में परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित करना है। देशभर के स्टूडेंट्स इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां उन्हें प्रधानमंत्री से परीक्षा के तनाव को दूर करने और सफलता की रणनीतियों पर सीधे मार्गदर्शन मिलेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री बोले- सिर्फ परीक्षा के नंबर महत्वपूर्ण नहीं
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप बोले, अकेला एक्जाम महत्वपूर्ण है, यह उचित नहीं है। इस बात को प्रधानमंत्री ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ में प्रतिपादित किया है।
परीक्षा का परिणाम ही आपके जीवन में सब कुछ नहीं होता। मैं आज सामाजिक जीवन में सफलता से काम कर पा रहा हूं, तो इसमें मेरे परीक्षा के नंबरों का योगदान नहीं है। यह मेरे जीवन के अनुभव, माता-पिता से मिले उद्देश्य, शिक्षकों से प्राप्त ज्ञान और पढ़ाई का भी योगदान है, लेकिन सिर्फ पढ़ाई का नहीं।

