शिक्षा

MPBSE 2025: एमपी बोर्ड के छात्रों के लिए जरूरी खबर, शिक्षा मंत्रालय ने बदले 5वीं-8वीं की परीक्षा के नियम

MPBSE 2025: माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पांचवीं और आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों का फॉर्मेट और अंक योजना जारी कर दी गई है।
शिक्षा मंत्रालय ने बदले 5वीं-8वीं की परीक्षा के नियम

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पांचवीं और आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों का फॉर्मेट और अंक योजना जारी कर दी गई है। इस बार परीक्षा में स्टूडेंट्स को छोटे-छोटे उत्तर वाले प्रश्न अधिक देना होगा। एग्जाम में वस्तुनिष्ठ, रिक्त स्थान भरने और अति लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या अधिक होगी। दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या कम रखी गई है।

परीक्षा तिथि और केंद्र

  • परीक्षा तिथि- 24 फरवरी से 5 मार्च 2025 तक
  • परीक्षा केंद्र- पूरे प्रदेश में 12,000 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
  • छात्र संख्या- दोनों कक्षाओं के लगभग 24 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
  • यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश के शिक्षकों के लिए जरूरी खबर, 15 मई तक नहीं मिलेगी छुट्टी, बोर्ड परीक्षा को लेकर एस्मा लागू

अंक योजना

  • छमाही परीक्षा- 20 अंक
  • वार्षिक परीक्षा (लिखित)- 60 अंक
  • आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य): 20 अंक

प्रश्नपत्र का पैटर्न

  • बहु विकल्पीय प्रश्न- 5 प्रश्न (5 अंक)
  • रिक्त स्थान भरने वाले प्रश्न- 5 प्रश्न (5 अंक)
  • अति लघु उत्तरीय प्रश्न- 6 प्रश्न (12 अंक)
  • लघु उत्तरीय प्रश्न- 6 प्रश्न (18 अंक)
  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न- 4 प्रश्न (20 अंक)

विषयवार प्रश्नपत्र तैयारी

  • सरकारी स्कूल: भाषा विषय (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत) के प्रश्नपत्र राज्य स्तर के एससीईआरटी पाठ्यपुस्तक से तैयार किए जाएंगे। अन्य विषयों के प्रश्नपत्र एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक से होंगे।
  • निजी स्कूल: सभी विषयों के प्रश्नपत्र एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक से तैयार किए जाएंगे।
  • भोपाल जिले में परीक्षा तैयारी
  • छात्र संख्या- भोपाल जिले में पांचवीं के 34,213 और आठवीं के 34,773 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
  • केंद्र: जिले में लगभग 250 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

पास होने के लिए न्यूनतम अंक

प्रत्येक विषय में लिखित परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोई स्टूडेंट एक्सटर्नल या इंटरनल असेसमेंट में न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं करता है, तो उसे पुनः परीक्षा देनी होगी।

अगर दोबारा एग्जाम में भी फेल हो जाता है, तो उसे उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। इस साल की परीक्षा में छात्रों को प्रश्नपत्र के नए पैटर्न के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी जा रही है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी स्कूलों को परीक्षा आयोजन की तैयारी पूरी करनी है।

यह भी पढ़ें- KVS Admission: केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 1 में प्रवेश का सुनहरा मौका, इस बार खाली हैं सैकड़ों सीट

Show Comments (0)
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *